300 से भी अधिक श्रद्धालु श्रमदान करने पहुंचे, 24वां दिवस का श्रमदान ऐतिहासिक रहा

6:31 pm or June 11, 2022
 महावीर अग्रवाल 
मन्दसौर ११ जून ;अभी तक;  लगातार श्रमदान करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है इस श्रद्धा को देखकर कलेक्टर श्री गौतमसिंह द्वारा 21 जून तक श्रमदान और बढ़ा दिया गया है। आज के इस श्रमदान में बैंकों से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित करी।
               स्टेट बैंक आफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, एचडीएफसी बैंक सहित श्रम विभाग के कर्मचारी अधिकारी, सफल उद्योग के समस्त कर्मचारी एवं मैनेजर मैनेजिंग डायरेक्टर सैकड़ों की तादाद में श्रमदान करने पहुंचे। बैंकों के अधिकारियों ने आज तगारी उठाकर एक संदेश दिया। राष्ट्र को जब-जब हमारी जरूरत पड़ेगी, हम अपने बैंक कार के अलावा भी प्रत्येक सेवा कार्य में प्रशासन के साथ रहेंगे।
               सफल उद्योग के मालिक एक संदेश दिया कर्म में है विश्वास परिवर्तन की है आस इस महा संदेश के अंदर सब कुछ छुपा है जब आप कोई भी कर्म करने के लिए शुरुआत करते हैं। उस कर्म करने की शुरुआत में आपका विश्वास बहुत महत्व रखता है और वही विश्वास एक आस्था के साथ जब पूरा होता है तो उसके परिणाम भी देखने को मिलते हैं आज का संदेश यह है कि जो लोग यह सोचा करते थे कि कुछ नहीं होता, यह उनके जीवन की बहुत बड़ी भूल है और वह भी भगवान पशुपतिनाथ के प्राकृतिक कारण एवं उत्पत्ति स्थल के बारे में सोचना पूर्ण रूप से स्वयं को धोखा देना था जितना भी जल चारों तरफ दिखाई दे रहा है वह श्रमदान एवं संकल्पशील समर्पित कार्यकर्ताओं के दम पर है जिन्होंने सपना सजाया था यह उन्हीं का परिणाम है।
                श्रम विभाग के राजकुमार गोठवाल ने कहा मैं मंदसौर में पूर्व में 30 वर्ष पहले आया था आज पशुपतिनाथ के इस विहंगम दृश्य को देखकर लगता है कि आने वाले समय में यह स्थल मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा स्थल बनेगा इसका मुझे पूर्ण विश्वास है। बैंक ऑफ बड़ौदा के गजेंद्र तिवारी ने कहा मेरा जीवन 50 साल का मंदसौर में हो गया है लेकिन मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं मुझे नहीं मालूम था कि मैं ऐसे देवीय स्थल पर रह रहा हूं। जब पूरे विश्व के लोग मंदसौर का बड़े सम्मान के साथ नाम लेंगे। मैं कलेक्टर महोदय गौतम सिंह एवं समस्त इस प्रशासनिक कार्य में लगे हुए सभी अधिकारियों को धन्यवाद देता हूं। आज समस्त बैंकों को बुलाकर हमको इस दिव्य कार्य से जोड़ा गया यह गर्व की बात है सभी के मन में प्रसन्नता देख कर ऐसा लगता है कि हमने अपना लक्ष्य पा लिया। बहुत जल्दी गंदे नालों का भी निराकरण होगा। इस महा श्रमदान में जो सतत सेवा दे रहे हैं उनको भगवान पशुपतिनाथ उनकी झोली खाली नहीं रखेगा। बिना स्वार्थ के किसी प्रकार की मन में लालसा ना लेकर प्रतिदिन सेवा देना इससे बड़ी जनसेवा क्या हो सकती है।
                       आज कलेक्टर द्वारा बड़ी पोकलेन मशीन 40 फिट वाली लगाकर कार्य को और तेजी प्रदान की है। प्रतिदिन जो श्रमदान कर रहे हैं 68 वर्ष के हरिशंकर शर्मा, 84 वर्ष के घनश्याम भावसार, 75 वर्ष के राजाराम तवर, 68 वर्ष के अजीउल्ला खान  खालिद, 62 वर्षीय शिवेंद्र प्रताप सिंह इंजीनियर संदेश दे रहे हैं की उम्र के साथ जज्बा होना चाहिए। सेवा करने का आलसी व्यक्ति घर में दिन भर रहने वाला व्यक्ति परिवार को भी परेशान करता है और समाज को भी परेशान करता है। सेवा करने वाले व्यक्ति की हर जगह पूछ होती है ऐसे रिटायर्ड सभी कर्मचारियों को सेवा के लिए आगे आना चाहिए क्योंकि समाज का ही पैसा वह पेंशन के रूप में प्राप्त कर रहे हैं यह पेंशन जब तक स्वस्थ हैं उन्हें सेवा के रूप में समाज में सहयोग करते हुए प्रत्येक सेवा कार्य में उपस्थित होना चाहिए।
                     इस श्रमदान के 15 मुख्य युवा कार्यकर्ता सत्येंद्र सिंह सोम, मनीष भावसार, अरूण गौड़, अनिल मालीवाल, लाल बहादुर श्रीवास्तव, केशव राव शिंदे, श्री बेस साहब चंद्रपुरा, गोपाल शर्मा एडवोकेट, लाल बहादुर श्रीवास्तव, विनय दुबेला, सीमा चौघड़िया, सुनीता भावसार, रुपेश सोलंकी, रमेश सोनी के साथ ही प्रशासन के चार मुख्य अधिकारी डॉ जेके जैन, सुनील व्यास, नगरपालिका इंजीनियर आरसी तोमर, इंजीनियर शिवेंद्र प्रताप सिंह नगर पालिका की समस्त टीम इस महाअभियान की भागीदार करने में अहम रोल अदा कर रही है। बालाराम कार्यकर्ताओं ने अपनी शुरुआत इस महाअभियान को देखकर कर दी है उनके लिए प्रशासन ने भी धन्यवाद दिया है कि वह प्रशासन का सहयोग प्रदान कर रहे हैं। यह जानकारी सत्येंद्र सिंह सोम ने दी।