50 लाख से भी अधिक घरों में यज्ञ ऊर्जा का आध्यात्मिक प्रयोग संपादित हुआ

5:20 pm or May 27, 2021
50 लाख से भी अधिक घरों में यज्ञ ऊर्जा का आध्यात्मिक प्रयोग संपादित हुआ

महावीर अग्रवाल 

मन्दसौरं २७ मई ;अभी तक;  अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के तत्वावधान में बहुत ही निष्ठा और विशेष प्रार्थना के साथ गृह यज्ञ अपने अपने इष्ट का स्मरण करते हुए आयोजित हुए। महामारी के निवारण के लिए आयोजित इस अनुष्ठान में दिन भर यज्ञ के आंकड़े आते रहे करीब 50 लाख से ऊपर पूरे देश के साथ समूचे विश्व में भारत की यज्ञ ऊर्जा का सभी ने हृदय से पालन किया।

उसी कड़ी में इस यज्ञ का चमत्कार मंदसौर के समीप ग्राम दलोदा सगरा में गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजन दशरथ भाई ने बताया कि पूर्व में लगातार 5 से 10 तक की मृत्यु रोज हो रही थी पूरा गांव परेशान था। गांव में 24 घंटे का महायज्ञ रखा गया इस यज्ञ में 25 से 75 किलो घी के साथ हवन सामग्री तैयार की गई जिसका परिणाम निकला कि वहां पर महामारी का प्रकोप पूर्णता बंद हो गया। ऐसा ही प्रयोग पूरे भारत में बुद्ध पूर्णिमा पर अखिल विश्व गायत्री परिवार समय-समय पर करता आ रहा है इस यज्ञ ऊर्जा का लाभ अवश्य मिलेगा। अध्यात्म और विज्ञान के ऊपर आधारित ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान शांतिकुंज हरिद्वार क्योंकि यज्ञ पर पूर्णता आधारित मानवी परिवर्तन वायु शोधन आज आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए डॉ प्रणव पंड्या इस पर शोध करके ही इस महामारी में इस प्रयोग को लगातार करते रहे हैं।

मंदसौर के अंदर और जिले के पूरे समूचे क्षेत्र में इस यज्ञ विद्या को सभी ने अपने स्तर से किया। एनसीसी ऑफिसर विजय सिंह रावत ने बताया गायत्री परिवार को दिल से धन्यवाद देता हूं मैंने यज्ञ उर्जा का जो आनंद लिया है वह शब्दों के माध्यम से बता नहीं सकता लेकिन इस यज्ञ में मेरे द्वारा जो यज्ञ सामग्री बताई गई थी उसमें कपूर लोंग और कई औषधियों का मिश्रण करके यज्ञ करने से काफी घर का वातावरण शुद्ध हुआ और आध्यात्मिक ऊर्जा पैदा हुई। संजय राठौर ने पूरे परिवार सहित लगातार यज्ञ कर रहे हैं उन्होंने बताया कि इस यज्ञ पेशी के कारण हम इस महामारी से बचे रहे सबके घर में एक दिन सप्ताह में अवश्य यज्ञ करना चाहिए। अशोक धनोतिया एवं सुनीता धनोतिया ने बताया गायत्री परिवार ने हमारे लुप्त होते भारतीय संस्कृति की परंपरा यज्ञ को पुनः जीवित और जागृत कर दिया इसका लाभ सबको मिल रहा है हम धन्यवाद देते हैं। गायत्री शक्तिपीठ को उनके द्वारा जो पैकेट बनाए गए थे उसमें गो के बने हुए दीपक देसी गाय के एवं समस्त सामग्री गायत्री शक्तिपीठ पर तैयार की जाती है पूरे भारत के अंदर शक्तिपीठों के द्वारा यह अभियान चलाकर पुणे भारत को विश्व गुरु की ओर ले जा रहे हैं।

पन्नालाल  मालवीय द्वारा एवं राधा टेलर एवं निरंजना द्वारा लगातार इन यज्ञ की सामग्री तैयार करने में अपना पूरा समय लगाया जिसके कारण पूरे मंदसौर के अंदर भी 3000 घरों में या यज्ञ संपादित हो पाया आने वाले समय में डॉ वेद पाल सिंह एवं केशव राव शिंदे इस यज्ञ पर थी पर जिससे अलग-अलग बीमारी पर यज्ञ के द्वारा किस प्रकार इलाज होता है उस यज्ञ में स्पेशल औषधि डालकर उस मरीज के समक्ष रख कर जल्दी से ठीक हो सके इस पर भी कार्य किया जा चुका है जिसके बहुत सार्थक परिणाम आए हैं। गायत्री परिवार ने ईश्वर को बहुत सरल और सुलभ बना दिया है अब तो प्रत्येक व्यक्ति प्रत्येक नवरात्रि काल में एवं ऐसी महामारी के समय अपने घरों में यज्ञ अवश्य कराना शुरू कर दिया है। गायत्री परिवार के कार्यकर्ता संपूर्ण जिले के अंदर इस महामारी के लिए अपनी अपनी तरह से यज्ञ करा कर सतत वायु शोधन के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा पैदा कर रहे हैं। पवन गुप्ता, दिलीप महेश्वरी यज्ञ पैथी फैलाने के लिए पूरे जिले में अभियान के तौर पर कार्य करेंगे।

श्रीमती रेखा सिंह सोम ने बताया गायत्री परिवार पूरे भारत के साथ ही विश्व में संध्या 6.15 से 6.30 तक इस कोरोना महामारी में विशेष प्रार्थना आयोजित कर रहा है आप भी अपने घरों में अपने इष्ट के सामने विशेष प्रार्थना परिवार सहित करें और गायत्री शक्तिपीठ से पूरा पैकेट यज्ञ की समस्त सामग्री गायत्री परिवार आपको उपलब्ध कराता है आप प्रतिदिन यदि यज्ञ करते हैं धन वैभव के साथ आपकी शारीरिक कष्ट भी खत्म होते हैं परिवार में शांति मिलती है इस यज्ञ विधा को हर व्यक्ति तक पहुंचाना प्रत्येक परिवार का दायित्व होना चाहिए।

पक्षी बचाओ आंदोलन के गायत्री परिवार के सदस्य जगदीश पोरवाल एवं गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता अयोध्या देवी एवं उनके पुत्र विकास कोरीवाल ने यज्ञ के द्वारा प्राप्त ऊर्जा के बारे में बताया कि हम लंबे समय से इस यज्ञ को कर रहे हैं आज हमारा जो विकास हुआ है यह यज्ञ का ही परिणाम है। हमारे माता-पिता ने यह पारसमणी हमें दे दी है इसके कारण हम अपने जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन देखें। राम और कृष्ण जिस यज्ञ से जो मांगते थे मिल जाता था जो ऋषि इस यज्ञ के माध्यम से सब कुछ प्राप्त कर लेते थे उस विधा का पुनर्जागरण करके गायत्री परिवार ने हमें एक नहीं जीवन जीने की पारसमणी दे दी है हम गायत्री परिवार को हमेशा ऋणी रहेंगे।

वेद मूर्ति पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य को पूरा विश्व भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का केंद्र मान रही है परम पूज्य गुरुदेव ने प्रत्येक व्यक्ति को गायत्री और यज्ञ देकर उसके जीवन में बड़े परिवर्तन लाने का बहुत बड़ा कार्य किया है और इसका लाभ हर व्यक्ति जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है इस नारे को भी श्री राम शर्मा अचार्य बुलंदी से रखा है मानव मात्र एक समान एक पिता की संतान जाति वंश सब एक समान यही एकता का भारत का सबसे बड़ा एकजुटता का नारा है। गायत्री शक्तिपीठ पर करोना महामारी के बाद समस्त संस्कार पुनः प्रारंभ हो जाएंगे विद्यारंभ संस्कार विवाह संस्कार यज्ञोपवीत संस्कार जन्म उत्सव संस्कार विवाह दिवस संस्कार और सभी प्रकार के संस्कार जो भारतीय संस्कृति के हैं वह मनाई जा रहे हैं गायत्री परिवार ने स्वास्थ्य क्रांति पर भी कार्य किया है नशा मुक्ति पर भी कार्य किया है दुष्ट प्रवृत्ति उन्मूलन सत प्रवृत्ति संवर्धन के साथ तेजी से कार्य कर रहा है गो सेवा में भी गायत्री परिवार लगातार गौशाला में खुलकर भी प्रत्येक शक्ति पीठ पर इस पर कार्य किया जा रहा है। यह जानकारी सत्येंद्र सिंह सोम ने दी।