6 साल पुराने हत्याकांड में तीन को आजीवन कारावास, लड़की के विवाद में तीन दोस्तों ने की थी चौथे दोस्त की हत्या

मयंक भार्गव

बैतूल २३ पकतपब्बर ;अभी तक;  लगभग 6 वर्ष पूर्व नवंबर 2015 में घोड़ाडोंगरी में धाराखोह नदी के पास तीन दोस्तों द्वारा चौथे दोस्त की हत्या करने पर सत्र न्यायालय द्वारा तीन दोस्त को आजीवन कारावास और 5-5 हजार रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया है। आरोपी द्वारा अर्थदण्ड नहीं भरने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने की।

लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने बताया कि विगत 7-8 नवंबर 2015 में घोड़ाडोंगरी के समीप सलाईढाना में धाराखोह नदी में घोड़ाडोंगरी निवासी यतीश अग्रवाल का शव मिला था। पुलिस ने इस हत्याकांड में कपिल वर्मा, निखिल गुलाटी, रविश वर्मा के खिलाफ धारा 302, 34 का अपराध दर्ज किया था। तीनों आरोपियों पर आरोप था कि एक आरोपी कपिल वर्मा ने 7 नवंबर शाम को यतीश अग्रवाल को उसके घर से ले गया था। घोड़ाडोंगरी स्टेशन के पास दो अन्य आरोपी निखिल गुलाटी और रविश वर्मा भी मिले वहां से वे सुरज उईके के घर गए। आरोपी कपिल वर्मा और यतीश अग्रवाल के बीच किसी लड़की को लेकर विवाद हुआ। यहां से चारों लोग बाईक से ग्राम सलाईढाना स्थित धाराखोह नदी के पास आए। जहां कपिल वर्मा ने यतीश अग्रवाल को धक्का देकर नदी में गिरा दिया। 8 नवंबर 2015 को सुबह यतीश का शव मिलने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

लगभग 6 साल पुराने इस मामले में सत्र न्यायाधीश अफसर जावेद खान द्वारा सुनाए गए फैसले में तीनों आरोपी कपिल वर्मा, निखिल गुलाटी और रविश वर्मा को आजीवन कारावास और 5-5 हजार रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड जमा नहीं करे पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक नितिन मिश्रा द्वारा की गई।