6 साल में 3 हजार बेटियों के नाम से हुई घर की पहचान

मयंक भार्गव

बैतूल ८ नवंबर ;अभी तक;  केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से प्रेरित होकर बैतूल शहर के एक जुनूनी युवा ने बेटियों को पहचान दिलाने शुरू किए गए एक अनूठे अभियान घर के नाम हो बेटी की पहचान आज देश भर में हो रही है। बैतूल शहर से शुरू होने वाले इस अभियान का आगाज आज ही के दिन 6 साल पहले 8 नवंबर 2015 को हुई थी। 6 साल में यह अभियान बैतूल शहर के बाद जिले के एक सैकड़ा गांव, प्रदेश के 23 जिलों से होता हुआ देश के 14 राज्यों में पहुंच गया है। इस अभियान के तहत अभी तक 3 हजार से अधिक बेटियों के नाम से उनके घर की पहचान हो रही है।

शहर के सदर क्षेत्र निवासी शहीद दीपक यादव समिति के अध्यक्ष अनिल नारायण यादव ने बेटी पढ़ाओ- बेटी बचाओ अभियान से प्रेरित होकर बेटियों को पहचान दिलाने बेटियों के नाम घर की पहचान अभियान की शुरूवात की थी। इसके लिए उन्होंने लाडो फाउंडेशन का गठन किया। अपने करीबी दोस्तों के सहयोग से शुरू हुए इस फाउंडेशन द्वारा बेटियों के नाम की नेमप्लेट लगाकर बेटी के नाम से घर की पहचान करवाई। 8 नवंबर 2015 को सबसे पहले सदर क्षेत्र में अपने मोहल्ले से इस अभियान की शुरूवात करने के बाद धीरे-धीरे अभियान का विस्तार होता गया। इस अभियान को जिंदा रखने में अनिल यादव का ऐसा जुनून रहा कि बैतूल शहर में अपने वार्ड से अभियान की शुरूवात करने के बाद पहले पूरे शहर में इस अभियान का विस्तार किया।

लोगों को अभियान इतना पसंद आया कि जिले के ग्रामीण अंचलों में अभियान पहुंचा। एक-एक कर जिले के सौ से अधिक गांवों में इस अभियान के तहत बेटियों को पहचान मिली। इसके बाद प्रदेश के दूसरे जिलों में भी लोगों ने उक्त अभियान शुरू करने की गुजारिश की। प्रदेश के बाहर से बैतूल आने वाले नागरिकों ने भी जब बैतूल के घरों में बेटियों के नाम की नेम प्लेट लगी देखी तो कुछ लोग इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अनिल यादव से संपर्क कर उनके प्रदेश में भी ऐसा अभियान चलाने का निवेदन किया। 6 साल में उक्त अभियान बैतूल जिले से निकलकर प्रदेश के 23 जिलों और 14 राज्यों तक पहुंच गया जहां घर की पहचान बेटियों के नाम से हो रही है।

इस अभियान के संस्थापक अनिल यादव ने राष्ट्रीय जनादेश से चर्चा में बताया इस अभियान को सफल बनाने में बेटियों के माता-पिता बेटियों के माता-पिता, लाडो फाउंडेशन    के सक्रिय सदस्य और मीडिया सहयोगियों का भरपूर सहयोग रहा। श्री यादव ने बताया कि इस अभियान की शुरूवात करते समय कुछ लोगों ने इस अभियान को बकवास भी कहा था ऐसे लोग कहते थे कि इस अभियान से कुछ नहीं बदलने वाला है परंतु हमने इस अभियान को सुचारू रखा इसी का परिणाम है कि देश के 14 राज्यों में बेटियों के साथ ही बैतूल का भी नाम रोशन हो रहा है। श्री यादव ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि अभियान को पूरे देश में पहुंचाया जाए। देश की प्रत्येक बेटियों के नाम से घर की पहचान हो जिससे दुनिया भर में हमारे देश को बेटियों के नाम से पहचाना जाए। लाडो फाउंडेशन का उद्देश्य और संकल्प यही है।