60 दिन की फसल से होशंगाबाद जिले के किसानों को होगी लगभग 2200 करोड़ रूपये की आय

8:36 pm or June 7, 2021
होशंगाबाद

सौरभ तिवारी

होशंगाबाद ७ जून ;अभी तक;  गेहूं उत्पादन में अग्रणी रहने वाला होशंगाबाद जिला अब प्रदेश ही नहीं देश में सर्वाधिक ग्रीष्मकालीन मूंग उत्पादक जिला बन गया है।

               विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार  इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूँग का क्षेत्र 208000 हैक्टर है जबकि गत वर्ष 1,82,000 हैक्टर क्षेत्र में बोनी हुई थी ।    ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा जिले में लगातार बढ़ता जा रहा है, जोकि पिछले 05 वर्षो में 70 हजार हेक्टर से बढ़कर 02 लाख 08 हजार हेक्टर (तीन गुना) तक पहुंच गया है। जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के लिए अनुकूल परिस्थितियां व मूंग की खेती से किसानों को लगातार लाभ मिलने के कारण किसानों का रूझान ग्रीष्मकालीन मूँग की फसल में बढ़ा है । इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूँग का क्षेत्र 208000 हैक्टर है जबकि गत वर्ष 1,82,000 हैक्टर क्षेत्र में बोनी हुई थी । इस वर्ष मूँग की फसल स्थिति अच्छी होने से औसत फसल उत्पादन 15 क्विंटल प्राप्त हो रही है, इससे 3.10 लाख मीट्रिक टन फसल उत्पादन प्राप्त होना अनुमानित है, जिससे 60 दिन की फसल से कृषकों को 7196 रूपये प्रति क्विंटल एम०एस०पी० से लगभग 2200 करोड़ की आमदनी होना संभावित है ।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 2020 में ग्रीष्मकालीन मूंग कोविड-19 एवं लॉकडाऊन के दौरान जिले में 182200 हेक्टर क्षेत्र में 60 दिन की मूंग फसल से किसानों को लगभग 1650 करोड़ की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई थी, लेकिन इस उपलब्धि से भी अधिक इस वर्ष होशंगाबाद जिले ने ग्रीष्मकालीन मूंग फसल में नया कीर्तमान स्थापित किया है। इस जायद वर्ष 2021 में होशंगाबाद जिले ने ग्रीष्मकालीन मूंग फसल में एक नया आयाम स्थापित किया है। इस वर्ष जिले में पूर्व वर्षों के समस्त रिकार्ड को ध्वस्त करते हुये 2,08,000 हेक्टर क्षेत्र में मूंग की फसल लगाई गई। इस वर्ष जायद सीजन के पूर्व ही वैश्विक महामारी कोविड-19 की दूसरी लहर का प्रकोप देश एवं प्रदेश में शुरू हो चुका था एवं जिसके कारण कोरोना कर्फ्यू जैसीपरिस्थिति निर्मित हुई थी, जिसके कारण एक ओर जहां सारे उद्योग धंधे एवं समस्त आय के स्त्रोत आमजन के नगण्य हो गये थे, लेकिन इसी दौरान होशंगाबाद जिले के कृषक एवं होशंगाबाद जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग होशंगाबाद के द्वारा एक अनूठे प्रयास के द्वारा होशंगाबाद जिले के अन्नदाता किसान ने आय का एक अतिरिक्त विकल्प तैयार किया एवं जिले में 2,08,000 हेक्टर क्षेत्र में मूंग की फसल लगाई गई।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल के  प्रयासों से किसानों की सुविधाओं तथा इस वृहद क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा बढ़ाने के लिए तवा कमाण्ड नहर द्वारा ग्रीष्मकाल में भी सिंचाई के लिये पानी निर्बाध रूप से उपलब्ध कराया गया।

कलेक्टर होशंगाबाद धनंजय सिंह द्वारा जिले की किसानों को मूंग फसल के खेती के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए। ग्रीष्म काल में तवा नहर से किसानों को सिंचाई के पर्याप्त पानी मिले, इसकी नियमित मॉनिटरिंग की गई। कोरोना संक्रमण काल में लागू कोरोना कर्फ्यू के दौरान भी किसानों को मूंग की बुवाई के लिए समय पर खाद ,बीज एवं कीटनाशक की पर्याप्त उपल्धता बनी रहें ,इसकी समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई।

मध्यप्रदेश शासन ,जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा निरंतर प्रयास कर किसानो को समय पर खाद, बीज, उन्नत नवीन एवं आर्थिक उपज देने वाली किस्मों (शिखा, विराट, एम.एच.- 421, हम – 12, हम 16, पी.डी.एम. 139 (सम्राट) आदि किस्मों के बीज, कीटनाशक दवाईयां एवं कृषि में लगने वाली समस्त संसाधनो की कोरोना कर्फ्यू के बाद भी किसानो को समय पर उपलब्ध कराया गया, जिसके परिणाम स्वरूप 2,08,000 हेक्टर क्षेत्र में मूंग फसल से लगभग 15 क्विंटल / हेक्टर के मान से लगभग 3.10 लाख मैट्रिक टन उत्पादन होने का अनुमान है, जिससे होशंगाबाद जिले के किसानो को लगभग 2200 करोड़ रूपये की मात्र 60 दिन की फसल से ही अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी एवं कृषको के साथ ही कृषि क्षेत्र में लगने वाले मजदूरो एवं कृषि क्षेत्र से संलग्न व्यापारियो को भी कोविड-19 में भी अतिरिक्त आय प्राप्त हो पायेगी।