67 दिनों की कैद से मुक्त ज्येंातिर्लिग ओंकारेश्चर  के किये लोगेा ने दर्शन

मयंक शर्मा
खंडवा १५ जून ;अभी तक;  केराना संक्रमण के कारण कोई 67 दिनों के  बाद नर्मदा तट की जिले की ज्योंतिर्लिग नगरी ओंकारेश्वर मंदिर के पट  मंगलवार से खोल दिये गये है। रात 8 बजे बाद पट बंद कर दिये जायेगे।मंदिर में दर्शनों पर प्रतिबंध से तीर्थनगरी में सन्नााटा ही पसरा रहा लेकिल मंगल मुर्हत ूें मंगलवार को पट खुलते ही नगर की रोनक लोट आई है। बाजार में चहल पहल के साथ दुकानदारो का कारोबार भी चल निकला है।
                    एसडीएम सीए सोलंकी ने दोहराया कि मंदिर ट्रस्ट व अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना गाइड लाइन का पालन हर हालत मेे हो।  बाजार मेंभी दुकाननदारेंा को गाइड लाइन के अनुसार ही अपना रोजगार व्यापार व्यवसाय शुरू करना होगा। मंगलवार सुबह 10.46 से 12.28 के बीच लाभ-शुभ की विशेष बेला में आम भक्तों को दर्शन कराने  का अटूट सिलसिला शुरू हुबा। लंबे समय की प्रतीक्षा के बाद  दर्शनार्थियों की भीड पट खुलते ही उमडी।विशेष मुहूर्त में पूजा के बाद पट  आम लोगों के लिए खोले गये।मंदिर में प्रवेश की शर्त  एक टीकाकरण  की अनिवार्यता रखी गयी थी।ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के सहायक कार्यपालन अधिकारी अशोक महाजन,ने कहा कि अनवार्यता का पालन कराते हुये ही दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना वैक्सीन लगवाने का प्रमाणपत्र पेश करने पर प्रवेश दिया गया। साथ ही श्रद्धालुओं की थर्मल स्कैनिंग की गयी।  आटोमैटिक सैनिटाइजर मशीन से  हाथ साफ कराए गये।  एक ट्रे में जल भरा रहेगा, उसमें पैर धोकर मंदिर परिसर में प्रवेश की व्यवस्था रही।  मास्क लगाना व शरीरिक दूरी का पालन भी अनिवार्य रहा।
                   ओंकारेश्वर  पंडा संघ के अध्यक्ष पंडित नवल किशोर शर्मा, पूर्व अध्यक्ष पंडित निलेश पुरोहित,क्षेत्रीय  विधायक नारायण पटेल, पुनासा एसडीएम व मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीए सोलंकी, पूजन समय मोजूद रहे। मंदिर में दर्शनों पर प्रतिबंध से तीर्थनगरी में सन्नााटा है लेकिल मंगल मुर्हत में मंगलवार को पट खुलते ही नगर की रोनक लोट आई है।
                       दो स्वरूप वाले ओंकारेश्वर व ममलेश्वर ज्योंतिर्लिग में दूसरे ममलेश्वर ज्योंतिर्जिग के पट बुधवार 16 जून से खोले जाने की बात एसडीएम यसेंलकी ने कही है। ममलेश्वर मंदिर केंद्रीय पुरातत्व विभाग के तहत आता है। ओंकारेश्वर नगर के पंडितों ने केंद्रीय पुरातत्व व संस्कृति मंत्री पहलाद
पटेल का बुधवार से मंदिर के पट खोलने संबंधी आदेश पर आभार व्यक्त किया है।
                   उल्लेखनीय हे कि आर्कियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया द्वारा महामारी के वजह से सभी म्यूजियम व धार्मिक स्थल 15 अप्रैल से बंद किए गए थे। मंगलवार को पट खुलने से पहले मंदिर परिसर की विशेष साफ-सफाई की गई है। दोनों पैदल पुलों व मंदिर परिसर में जहां पर अधिक भीड़भाड़ होती है, वहां सोशल डिस्टेंसिंग के गोले बनाए गये।  झूला पुल पर जहां जूता चप्पल स्टैंड उस स्थान पर चेकिंग पॉइंट स्थापित किया गया।  वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को यही चेक किया गया। चैक में भी वैक्सीनेशन चेकिंग पॉइंट पर चेक किया जाता रहा। पूरे परिसर में बैरिकेडिंग हैं।दर्शन की अनुमति सिर्फ उन्हीं श्रद्धालुओं को थी  जो वैक्सीन का पहला डोज ले चुके है।
                     तीर्थनगरी के साथ ज्योंतिर्लिग मंदिर अन लाक होते ही यहां निवासरत दुकानदार, पंडित, नाविक, होटल, गेस्ट हाउस संचालक व विभिन्न संस्थान का कामकाज चल निेकला है तो दो माह ये अध्सिक समय से आर्थिक तंगी की मार झेल रहे थे।  मंगलवार को विधि विधान से पूजा पाठ करके ओंकारेश्वर मंदिर के पट श्रद्धालुओं के खोल दिए गये है।