विषप पी सी सिंह की जमानत पर फैसला सुरक्षित, करोडो के फर्जीवाडा का आरोप

8:27 pm or October 14, 2022

सिद्धार्थ पांडेय

जबलपुर १४ अक्टूबर ;अभी तक;  विषष में रूप में षैक्षणिक संस्थाओं की राषि के दुरूपयोग तथा मिषन की संम्पत्ति का फर्जीवाडा करने के आरोप में गिरफतार पीसी सिंह ने जमानत के लिए हाईकोर्ट की षरण ली थी। हाईकोर्ट जस्टिस नंदिता दुबे की एकलपीठ ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेष जारी किये है।

गौरतलब है कि ईओडब्लयू जबलपुर की टीम ने 8 सितम्बर को विषप पी सी सिंह के नेपियर टाउन स्थित विषप पी सी सिंह के कार्यालय तथा घर मंे दबिष दी थी। दबिष के दौरान 80 लाख का सोना, 1 करोड़ 65 लाख रुपए नगद, 48 बैंक खाते, 18352 यूएस डॉलर, 118 पांउड, 9 लग्जरी गाडिय़ां, 17 संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। दविष के दौरान विषप देष के बाहर थे। ईओडब्ल्यू ने विषप को नागपुर एयरपोर्ट से 12 सितम्बर को गिरफतार कर न्यायालय में पेष किया था। था। ईओडब्लयू ने पूछताछ के लिए विषप को चार दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान उन्होने 10 एफडी सहित 174 बैंक खातों की जानकारी दी थी।

इसके अलावा उन्होने मिषन कम्पाउण्ड स्थित बेषकिमती जमीन खुद के नाम आधे दामों में खरीदी थी। बिषप रहते हुए उन्होने जमीन बैची और क्रेता के तौर पर स्वंय खरीद ली। उनके खिलाफ देशभर के अलग-अलग राज्यों में 99 मामले दर्ज है। रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद 16 सितम्बर को न्यायालय उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था। जिसके बाद उन्होने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार ने जमानत आवेदन को विरोध करते हुए एकलपीठ को बताया कि विषप व उनके परिवार सदस्यों के नाम पर बैंक में साढे 6 करोड रूपये जमा है। इसके अलावा उन्होने संस्था के स्कूलों के नाम पर खुद के लिए वाहन खरीदे। संस्था के स्कूलो के बैंक खाते से 6 करोड रूपये टांसफर किये गये है। प्रकरण में विवेचना जारी है तथा अन्य फर्जीवाडे की जानकारी मिली है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेष जारी किये है।