नर्मदा सहित सहायक नदी नाले ऊफान पर, एक व्यक्ति बहा, सैकडो लोगो को सुरक्षित स्थान पर प्रशासन ने पहुंचाया..

5:53 pm or September 17, 2023
आशुतोष पुरोहित .
खरगोन १७  सितंबर :;अभी तक;  मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच भारी बारिश के दौरान एक व्यक्ति बह गया वही सैकडो लोगो को प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर रेस्क्यू कर पहुंचाया। जिले के बडवाह महेश्वर, मण्डलेश्वर और कसरावद क्षेत्र में नर्मदा नदी ऊफान पर चल रही है। 24 घन्टे भारी बारिश की चेतावनी से हडकंप मचा हुआ है।
   खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र में बच्ची बाई की मड़ी आश्रम से सामान निकालने के दौरान शनिवार को मदन केवट नामक नाविक बह कर लापता हो गया।
खरगोन जिले के बड़वाह के एसडीएम प्रदीप सोनी ने बताया कि नर्मदा का जलस्तर बढ़ जाने के चलते क्षेत्र के कटघरा, मावली सरकार और आनंदमयीआश्रम में फंसे करीब 30 लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
खरगोन जिले के भीकन गांव विधानसभा क्षेत्र के पुनासला ग्राम में आज एक कार बह गई, लेकिन कार चालक किसी तरह बचकर बाहर आ गया।
इंदौर इच्छापुर हाईवे पर बड़वाह के समीप नर्मदा नदी पर स्थित मोरटक्का पुल पर पानी आ जाने के चलते आज सुबह से ही बंद कर दिया गया। उसके समानांतर एक्वा डक्ट पुल पर बड़े वाहनों का आवागमन निषेध कर केवल छोटे वाहन हीं निकाले जा रहे हैं।
खरगोन जिले के कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने बताया कि मंडलेश्वर ,कसरावद और बड़वाह अनुविभाग में भारी बारिश के चलते 30 से अधिक प्रभावित ग्रामों में कम से कम 2000 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि आश्रम में स्थित कई बाबा निकलने को तैयार नहीं हो रहे थे लेकिन उन्हें भी समझाइश देकर सुरक्षित निकाला गया। इसमें 100 वर्ष से अधिक आयु के भट्टयान स्थित सियाराम बाबा भी शामिल हैं।
क्षेत्र में कई स्थानों पर आवागमन बंद होने के अलावा विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने के भी समाचार हैं। यहां तक की खरगोन कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के बंगलो के पूर्व तार टूट जाने के चलते विद्युत आपूर्ति कई घंटे तक बाधित हुई। खरगोन जिले के कसरावद के कुशवाहा मोहल्ले में एक मकान गिर जाने के चलते कोई जनहानि तो नहीं हुई लेकिन दो दु पहिया वाहन दब गए।
खरगोन जिले के महेश्वर निवासी बुनकर अजीज अंसारी और व्यापारी संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र जैन ने बताया कि महेश्वर के करीब 40% हिस्से में माहेश्वरी नदी का पानी पहुंच गया है और 1000 से अधिक लोगों को हटाया गया है। उन्होंने बताया कि 1962 और 1994 के बाद ऐसी स्थिति निर्मित हुई है।
उन्होंने बताया कि महेश्वर के नर्मदा नदी के घाट जलमग्न हो चुके हैं और नर्मदा का पानी महेश्वर किले के अंदर पहुंच गया है। मण्डलेश्वर में निचली बस्ती में पानी घूसने से 50 से अधिक परिवार को सुरक्षित स्थान पर प्रशासन ने पहुंचाया।
 खरगोन जिले में बीते 24 घंटे के दौरान 144.6 एमएम वर्षा दर्जी की गई इसमें सर्वाधिक वर्षा महेश्वर तहसील में 258 एमएम दर्ज की गई। दोनों जिलों में आज भी भारी वर्षा तथा विभिन्न बांधों से पानी छोड़े जाने के चलते नदी नाले उफान पर हैं।