अपराध की रोकथाम और अपराधी को सजा दिलाना प्राथमिकता-सागर

10:22 pm or September 8, 2021
मोहम्मद सईद
शहडोल 8 सितंबर ; अभी तक। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस जोन शहडोल डीसी सागर ने बुधवार को अपना पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार ग्रहण करने के कुछ ही देर बाद स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में वे पत्रकारों से रूबरू हुए और उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं बताईं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री सागर ने कहा कि जोन के नागरिकों की सुरक्षा, लोगों के विवाद का आपसी सौहार्द से निपटारा करवाना और आर्थिक अपराध के साथ ही अन्य तरह के अपराधों को जड़ से समाप्त करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घटित होने वाले अपराधों की वैज्ञानिक तरीके से विवेचना होगी और अपराधी को शत-प्रतिशत दंड दिलाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जोन में निवास करने वाले लोग पुलिस पर भरोसा रखें क्योंकि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए हर तरह से तैयार है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री सागर ने यह भी कहा कि उनकी कोशिश होगी कि ग्रामीण अंचल में बसने वाले लोगों तक शासन की योजनाएं पहुंचे और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण अंचलों में भी योग्यता की कमी नहीं है बस उन्हें परखने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि बालिकाओं को कराटे में प्रशिक्षित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी अकेले कुछ नहीं कर सकता। हर व्यक्ति की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हमारा जवान और थाने में पदस्थ रहने वाला सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर विभाग की रीढ़ की हड्डी है। यहां फॉरेंसिक वैज्ञानिक नहीं होने के संबंध में उन्होंने कहा कि इस संबंध में डीजीपी साहब से आग्रह कर यहां जल्द ही पदस्थापना कराई जाएगी, क्योंकि किसी भी प्रकरण की विवेचना में फॉरेंसिक वैज्ञानिक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोरोना काल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का नाम कोरोना वरियर्स की सूची में न होने की ओर ध्यान आकृष्ट कराने पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री सागर ने कहा कि जल्द ही उन सभी के नाम शामिल किए जाएंगे जो छूट गए हैं।
कई पदक से हो चुके हैं सम्मानित
                 अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री सागर को उत्कृष्ट कार्य के लिए कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। उन्हें दो बार पुलिस वीरता पदक, जीवन रक्षक पदक, सौहार्द पुरस्कार, दुर्गम आंतरिक सुरक्षा पदक और कर्म योद्धा पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। वर्ष 1992 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री सागर की पहली पदस्थापना नीमच में एसडीओपी के रूप में हुई। श्री सागर राजनांदगांव, मंडला, देवास और खंडवा में पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ रहे। वे चंबल में डीआईजी और चंबल जोन में ही आई जी के रूप में भी पदस्थ रहे हैं। वर्तमान में वह भोपाल से स्थानांतरित होकर यहां आए हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान शहडोल पुलिस अधीक्षक अवधेश गोस्वामी, अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहडोल मुकेश वैश्य भी उपस्थित रहे