आपदा नियन्त्रण शिक्षक के सहयोग बिना अधूरा है . डॉ आर के सोहोनी

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर  ७ सितम्बर ;अभी तक;  राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मन्दसौर के स्वामी विवेकानन्द कॅरियर मागर्दशर्न प्रकोष्ठ के अन्तगर्त  हिन्दी विभाग एवं संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में शिक्षक दिवस के अवसर पर दिनांक 07ध्09ध्2021 को श्आपदा प्रबन्धन में शिक्षकों की भूमिकाश् इस विषय पर एकदिवसीय ऑनलाईन वेबिनार आयोजित हुआ ।
            महाविद्यालय के संरक्षक एवं प्राचायर् डॉ० रवीन्द्र कुमार सोहोनी ने सभी को  सम्बोधित करते हुए कहा कि  किसी भी प्राकृतिक एवं मानवीय आपदा के नियन्त्रण में विभिन्न विभागों का सहयोग सराहनीय होता है परन्तु जब भी आकस्मिक आपदाएँ आती है तो हर क्षेत्र में शिक्षक हमेशा सहयोग के लिए तत्पर रहता है। आपदा नियन्त्रण शिक्षक के सहयोग के बिना हमेशा अधूरा है।
            कायर्क्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉण् केण्आरण् सूयर्वंशी द्वारा श्आपदा नियन्त्रण में शिक्षक की भूमिकाश् को रेखांकित करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से किए गए सेवा कायोर्ं का वणर्न किया । मानव जीवन में छोटी.छोटी प्राकृतिक एवं मानवीय आपदाएँ आती हैए उनसे समाज को कैसे बचाया जाएए इस पर प्रकाश डाला।
             कायर्क्रम के संयोजक हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉण् जेण्एलण् आयर् द्वारा सभी वक्ताओं एवं सहभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि आपदाएँ हमेशा कमजोर एवं डरपोक व्यक्तियों को ही डराती हैए जो साहसी एवं कमर्शील होते हैं वे आपदाओं को पराजित कर लक्ष्य को प्राप्त करते हैं जिसमें शिक्षकों की अहम् भूमिका होती है।
              कायर्क्रम में तकनीकि सहयोग प्रदान करने वाले संस्कृत विभाग के सहाण् प्राध्यापक डॉण् अनिल कुमार आयर् ने गुरु.शिष्य परम्परा का वणर्न करते हुए कहा है कि विभिन्न युगों में जब.जब मानव जा