एमबीबीएस डॉक्टर नहीं झोलाछाप की चेतावनी पर वैक्सीन लगाने तैयार हुए ग्रामीण

मयंक भार्गव

बैतूल २७ सितम्बर ;अभी तक;  स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सेवा के नाम पर पानी की तरह रूपए बहाने, गांव-गांव में स्वास्थ्य कार्यकर्ता पदस्थ करने के बावजूद जिले के ग्रामीण अंचलों में ग्रामीणों का उपचार करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों की ग्रामीण कितनी बात मानते है इसकी झलक प्रभातपट्टन ब्लॉक के ग्राम काजली में दिखाई दी। जहां कोविड वैक्सीन नहीं लगाने की जिद पर अड़े कुछ ग्रामीणों को जिला टीकाकरण अधिकारी और वैक्सीनेशन टीम द्वारा लाख समझाइश देने के बाद भी वे टीकाकरण करवाने को तैयार नहीं हुए। इस दौरान सिर्फ दो बुजुर्गो ने ही वैक्सीन लगाया लेकिन जब गांव में मरीजों का उपचार करने वाले स्थानीय झोलाछाप डॉक्टर ने ग्रामीणों को चेतावनी  दी कि जो भी वैक्सीन नहीं लगवाएगा मैं अब से उसका उपचार नहीं करूंगा। गांव के झोलाछाप की चेतावनी के बाद ग्राम के अधिकतर ग्रामीण वैक्सीन लगाने तैयार हुए।

प्रदेश में 27 सितंबर तक सभी वयस्क नागरिकों को वैक्सीन की फस्र्ट डोज लगाने की तैयारी में जुट स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों के साथ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी गांव-गांव का दौरा कर रहे है। इसी क्रम में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अरविंद भट्ट शनिवार को महाराष्ट्र बार्डर के समीप स्थित प्रभातपट्टन ब्लॉक के ग्राम काजली में वैक्सीनेशन का जायजा लेने गए थे। इस दौरान गांव के कुछ वृद्ध नागरिक वैक्सीन लगाने को तैयार ही नहीं हो रहे थे। इस दौरान गांव में वैक्सीनेशन सर्वे कर रही टीम की समझाइश के बावजूद ग्रामीण वैक्सीन नहीं लगवा रहे थे।

डॉ. भट्ट द्वारा रिपोर्ट देखने पर दो ने लगवाया वैक्सीन

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एके भट्ट ने बताया ग्राम काजली निवासी एक 70 वर्षीय वृद्धा ने बताया कि उसका 8-10 साल पहले मोतियाबिंद ऑपरेशन हुआ था इसलिए वे वैक्सीन नहीं लगाएगी। वहीं एक 80 वर्षीय वृद्ध ने कहा मेरी उम्र हो गई है अब वैक्सीन लगाकर क्या करूंगा। तब मैंने उनके इलाज की रिपोर्ट देखी उन्हें समझाइश दी कि वैक्सीन लगाने से कुछ नहीं होगा। इसके बाद दोनों ने वैक्सीन लगवा ली लेकिन 8-10 बुजुर्ग वैक्सीन लगाने को तैयार ही नहीं हुए।

झोलाछाप डॉक्टर ने दी चेतावनी

ग्राम काजली में एक झोलाछाप डॉक्टर कैलाश झपाटे ने सभी ग्रामवासियों को चेतावनी दी कि जो भी ग्रामवासी वैक्सीन नहीं लगवाएगा वे उसका उपचार नहीं करेंगे। गांव में अब सिर्फ वैक्सीन लगवाने वालों का ही उपचार किया जाएगा। इसके बाद सभी ग्रामवासी वैक्सीन लगवाने तैयार हो गए। वैक्सीन लगाने से मना करने वाले सभी ग्रामीणों ने वैक्सीन लगाने हामी भर दी। यह देख जिला टीकाकरण अधिकारी के साथ ही वैक्सीनेशन करने गई टीम भी आश्चर्यचकित हो गई।