एसपी के हटाए जाने का विरोध, सडक पर ऊतरे लोग, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, फैसले पर पुनर्विचार की मांग

आशुतोष पुरोहित
खरगोन 13 सितम्बर ;अभी तक;  खरगोन जेल में लूट के आरोप में बंद कैदी की मौत के मामले सरकार द्रवारा एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान को हटाये जाने के सोशल मीडिया पर चल रहे विरोध के बाद आज सभी समाज के लोग सडक पर ऊतर गये। इस दौरान रैली निकालकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम फैसले पर पुनर्विचार की मांग को लेकर एसडीएम सत्येन्द्र सिह को ज्ञापन सौपा।
                   इस दौरान शहर के प्रबुद्ध वर्ग और सभी समाज के प्रतिनिधियों ने खरगोन बंद और चरणबद्ध आन्दोलन की चेतावनी दी। शिव सेना के जिला अध्यक्ष राजू शर्मा और सकल हिन्दू समाज के संयोजक कुबैर जोशी का कहना था की एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने जिले में जुऑ-सट्टा सहित अवैध कार्य पर रोक लगा दी थी। जिले में साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए भी अच्छे कदम उठाये थे। बिस्टान घटना के जबाबदार थाना प्रभारी राकेश आर्य और एसडीओपी प्रवीण उइके पर कार्यवाही नही की। सियासत के दबाब में मुख्यमंत्री ने गलत कार्यवाही कर दी। एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान को हटना न्याय संगत नही है। घटना की न्यायिक जाॅच चल रही है ऐसे समय में किसी के गुमराह मे आकर मुख्यमंत्री ने कार्यवाही की है। खरगोन में पहली बार किसी अधिकारी के लिये सभी समाज के लोग पहली बार सडको पर ऊतरे है। कल से सोशल मीडिया पर एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान को हटाये जाने का जमकर विरोध चल रहा है।
                 गौरतलब की बिस्टान थाने के खेरकुंडी गांव के 37 वर्षीय बिशन को पुलिस ने लूट की घटना के आरोप में 12 आरोपीयो के साथ पकडा था। पुलिस रिमांड के बाद आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल चला गया था लेकिन जेल में आरोपी आदिवासी युवक की मौत हो गई थी। इस दौरान गुस्साए 100 से अधिक आदिवासी समाज के लोगो ने पुलिस मारपीट में आदिवासी युवक की मौत का आरोप लगाते हुए बिस्टान पुलिस थाने पर पथराव कर तोडफोड कर दी थी। 4 पुलिसकर्मीयो को निलंबित कर घटना के न्यायिक जाॅच के आदेश दे दिये गये थे। रविवार को अचानक सीएम शिवराजसिंह चौहान के द्रवारा एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान को हटाना लोगो को रास नही आ रहा है।