ऐतिहासिक तालाब में अतिक्रमण कर बना आरआरएस कार्यालय,  कंपलाइंस रिपोर्ट पेश करने मिली मोहलत

सिद्धार्थ पांडेय

जबलपुर १५ सितम्बर ;अभी तक;  सागर शहर के ऐतिहासिक तालाब पर प्रभावशाली लोगों द्वारा अतिक्रमण किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी। याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक तथा जस्टिस व्ही के षुक्ला की युगलपीठ को बताया गया कि तालाब में 43 प्रभावशाली लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है। तालाब की 330 वर्ग मीटर जमीन में आरएसएस का कार्यालय बना हुआ है। नगर निगम द्वारा कंपलाइंस रिपोर्ट पेश करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया। जिसे स्वीकार करते हुए युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को निर्धारित की है।

याचिकाकर्ता जगदेव सिंह ठाकुर की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि सागर शहर के मध्य स्थित तालाब का निर्माण लाखा बंजारा नामक बंजारे ने लगभग 500 से अधिक वर्ष पूर्व स्वंय की पूंजी से किया था। जिसे लाखा बंजारा झील के नाम से भी जाना जाता है ,जिसका इतिसाहिक महत्व का है। सागर तालाब का खसरा कमांक 335 तथा 337 मे लगभग 400 एकड़ रकवा है जिस पर कई प्रभावशाली लोगो एवं राजनेताओ ने कब्जा करके पक्के मकान बना लिए है। इसके अलावा तालाब की जमीन पर अतिक्रमण करके खेती भी की जा रही है। सागर के तत्कालीन कलेक्टर ने साल 2016 मे तालाब का मेजरमेंट कराया गया था,तब तालाब की लगभग 30.32 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया था। शासन प्रशासन, राजनैतिक एवं प्रभावशाली लोगो के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही नहीं हो रही है। तालाब की जमीन में पांच सौ से अधिक अतिक्रमण है।

पूर्व में याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने नगर निगम सागर को अतिक्रमण हटाकर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देष जारी किये थे। याचिका की सुनवाई के दौरान बुधवार के याचिकाकर्ता की तरफ से उक्त जानकारी पेश की गयी। नगर निगम के आग्रह पर युगलपीठ ने कंपलाइंस रिपोर्ट पेश करने के लिए तीन सप्ताह की मौहलत प्रदान की है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह तथा रामभवन लोधी ने पैरवी की।