कलेक्टर के आदेशों को जिला शिक्षा अधिकारी ने कूड़ेदान में डाला

 भिंड से डॉक्टर रवि शर्मा
भिंड ५ सितम्बर ;अभी तक;  शहरी तथा ग्रामीण अंचल के अधूरे पड़े भवनों के निर्माण गुणवत्ता के साथ स्वीकृत कर पूरे किए जाएं यह बात भिंड कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने शिक्षा विभाग को समीक्षा बैठक के दौरान कहीं । उन्होंने समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग को दिए निर्देश । उन्होंने कहा की 2001 वह दो से अधूरे पड़े भवनों के निर्माण को लेकर गंभीरता नहीं अपनाई गई है बैठक में की योजना पंचायत भिंड जेके जैन संयुक्त कलेक्टर एनटीपीसी वरुण अवस्थी जिला शिक्षा अधिकारी हरी भवन सिंह तोमर के अलावा ई ओ डीआरसीसी निर्माण एजेंसी पीआईयू उपयंत्री सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे कलेक्टर ने 2001 2002 से 2020 2021 तक के अधूरे विद्यालय भवनों के निर्माण की वस्तु स्थिति जाने ।
                उन्होंने कहा कि जिस विद्यालय में भवन निर्माण के अपूर्ण कार्य हैं उन्हें पूर्ण करने की कार्यवाही स्वीकृत की जाए जिला शिक्षा अधिकारी ने इस दौरान बताया कि हैंडोवर किए गए कई भवनों में दरवाजे खिड़की नहीं लगे हुए हैं जिस पर कलेक्टर ने विद्यालय भवन हैंडोवर लेने वाले अधिकारी के खिलाफ नोटिस देने के निर्देश दिए वहीं जहां ठेकेदार की गलती है और भुगतान हो गया है उस ठेकेदार से वसूली की कार्रवाई के लिए कहा जिन विद्यालय भवनों में अतिक्रमण है वहीं तहसीलदार और पुलिस का सहयोग लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा के मामले में कौन-कौन क्षेत्रों में तीसरा है उनका स्टैंडर्ड तैयार किया जा कर अवगत कराया जाए डीईओ बोले 20 स्कूल भवन ऐसे  है जो पूर्ण नहीं किए जा सकते जिला शिक्षा अधिकारी हरगोविंद सिंह ने बताया कि जिले में 72 निर्माण कार्य पूर्ण है कार्य स्थिति पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं जबकि पूरे नहीं किए जा सकते सपने वाले 20 निर्माण कार्यों की कलेक्टर ने फोटोग्राफ सहित सूची तलब की है परंतु कलेक्टर के सामने अभी तक भी ऐसे है जो फोन नहीं किए जा सकते कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्यों क फोटोग्राफ सहित सूची तलब की जाए ओ परंतु डीएनए कलेक्टर के सामने अभी तक फोटोग्राफ फीस निर्माण कार्यों की कलेक्टर को सूची त लव ही नहीं की गई है क्यों शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के डीईओ ने कलेक्टरकलेक्टर के आदेश को ढ़ कूड़ेदान मैं डाल दी गई है सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार दोहरी भवन सिंह तोमर का कहना है कि इस तरह हम हर बात को कलेक्टर के आदेश को पूर्ण करते रहेंगे तो फिर आपको कौन देखेगा आपको भी तो देखना बहुत जरूरी है तोमर ने कहा एक व्यक्ति कहां कहां क्या कर लेगा तो इससे प्रतीत होता है किस कलेक्टरों के आदेश को जिले में कोई नहीं मानता क्योंकि वे स्वयं हर मीटिं मैं सुबह से रात तक अपने वाहन में कलेक्टर महोदय बिना एसपी महोदय के 1 इंच कदम नहीं रख सकते क्षेत्र में क्योंकि उनको कलेक्टर की जिम्मेदारी तो दी गई है परंतु डरते इतने हैं स्पष्ट कुछ कहीं नहीं पाते और कानों के कच्चे हैं इधर मैंने एसपी महोदय से पूछा कि आप दिन भर जिलाधीश महोदय के साथ रहते हैं तो आपका पुलिस कप्तान होना और अपने विवाह को समय ना दे पाना समय ना देने के कारण 5 फाइलें आपके विभाग में यानी जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में धूल खा रही हैं क्योंकि एसपी साहब को सुबह ही कलेक्टर महोदय अपनी गाड़ी लेकर उनके बंगले पर पहुंच जाते हैं और फिर दिन भर के लिए अपने साथ रखते हैं जिले के दोनों अधिकारियों के अलग-अलग कार्य हैं परंतु पुलिस अधीक्षक महोदय के पास ज्यादा कार्य होने की वजह से बेकार नहीं निबट पा रहे हैं कार्यालय के और पेंडिंग होते चले जा रहे हैं इस पर का क्या करें मजबूरी है कल कलेक्टर साहब एक कदम भी मेरे बिना नहीं चल पा रहे हैं क्योंकि उन्हें डर ही इतना लगता है