किसान आत्महत्या मामले मे नया मोड, प्रशासन का दावा कर्ज के बोझ या फसल खराब होने से किसान ने नही की आत्महत्या

आशुतोष पुरोहित
खरगोन 11 सितम्बर ;अभी तक;   खरगोन में किसान आत्महत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। प्रशासनिक जाॅच में आत्महत्या करने वाले पंधानिया गांव के किसान जितेन्द्र पाटीदार पर मात्र 90 हजार रूपये का कर्ज निकला है। मृतक किसान के पूरे परिवार पर मात्र साढे चार लाख का कर्ज है। एसडीएम सत्येन्द्र सिह ने पूरे मामले में मीडिया को बताया की कर्ज या फसल खराब होने के कारण किसान ने आत्महत्या नही की है। आत्महत्या के कारण का खुलासा पुलिस जाॅच के बाद ही होगा। पुलिस द्रवारा विवेचना की  जा रही है। प्रशासन के दल ने गांव का मौका मुआयना किया है। कृषि अमले ने जाॅच में पाया की मृतक किसान की कपास फसल की वर्तमान स्थिति में अच्छी है। मिर्च और मूँगफली की कुछ फसल खराब हुई थी।
               प्रशासन ने दावा किया है की कर्ज या फसल खराब होने से किसान ने आत्महत्या नही की है। इधर पुलिस का कहना है की मेनगांव थाने में मर्ग कायम कर लिया है विवेचना की जा रही है। मृतक के खिलाफ पूर्व में सम्बन्धित मेनगांव थाने में जुआ एक्ट में  दो प्रकरण दर्ज होना भी सामने आया है । वर्ष 2016 और 2021में अपराध दर्ज है।सभी बिन्दूओ पर जाॅच की जायेगी।
               गौरतलब है की खरगोन जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर ग्राम पंधानीया में शुक्रवार शाम 7 बजे 37 वर्षीय किसान जितेंद्र पाटीदार ने खुद के खेत में पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी । मृतक किसान के काका भगवान पाटीदार और परिजनो ने करीब 10 लाख का कर्ज और फसल खराब होने से परेशान किसान जितेन्द्र के द्रवारा आत्महत्या करने का कारण बताया था। कलेक्टर अनुग्रहा पी के निर्देश पर एसडीएम सत्येन्द्र सिंह ने तहसीलदार की अगुवाई में टीम गठित कर जांच दल पंधानिया गांव भेजा था। राजस्व, कृषि और हार्टिकल्चर की संयुक्त टीम की रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने खुलासा किया है। किसान आत्महत्या में नया मोड आ गया है। अब पुलिस जाॅच में ही आत्महत्या के कारण का खुलासा होगा। एसडीओपी रोहित अलावा ने बताया मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। परिवार के बयान और आसपास के बयान के बाद आत्महत्या का कारण सामने आएगा।