कोरोना की तीसरी लहर से पहले से जिले में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ रहा, घर-घर में बुखार सर्दी जुकाम के मरीज

रवि शर्मा
भिंड ३ सितम्बर ;अभी तक; भिंड जिला चिकित्सालय की ओपीडी 1000 से ऊपर मरीजों की प्रतिदिन बन रहे हैं । जिला चिकित्सालय में मरीजों के जिला अस्पताल की ओपीडी में 78 प्रतिशत मरीज वायरल फीवर के । पूरे जिला चिकित्सालय में नहीं मिल रहे हैं पलंग वायरल फीवर का प्रकोप मरीज जिसने इतने की वादों में नहीं गैलरी में गद्दे बिछाकर किए भर्ती ।
              कोरोना की तीसरी लहर से पहले से जिले में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ रहा घर-घर में बुखार सर्दी जुकाम के मरीज लेकर जा रहे हैं जिला अस्पताल की ओपीडी में भी 75 फ़ीसदी मरीज किसी के आ रहे हैं और जिला चिकित्सालय में मेडिसिन डॉक्टर एमडी मेडिसिन जो कि अस्थाई रूप से नियुक्त कर रखा है डॉ विनीत गुप्ता ही एमडी मेडिसिन है और या फिर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अजीत मिश्रा क्योंकि अजीत मिश्रा जब से मुख्य जिला चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी बने हैं तू वह ओपीडी मैं नहीं बैठ सकते । उनसे एक बार कहा भी गया था और डॉक्टर हैं डॉक्टर ईश्वर का दूसरा रुप होता है पद की गरिमा को इससे ठेस नहीं पहुंचेगी कि आप ओपीडी में बैठकर मरीजों का इलाज करते रहें परंतु उनकी समझ में यह बात नहीं है वैसे प्राय यह देखा जा सकता है कि आपका टू स जिसके लिए आपने दिन रात एक कर के ईश्वर के दूसरे रूप में डॉक्टर बनकर मरे जीवो के प्रति लगाओ होना चाहिए और समय-समय पर आप अपनी सेवाएं देते रहे क्योंकि आप क्लास वन ऑफिसर जरूर है परंतु मरीज के लिए आप क्लास वन ऑफिस नहीं । इसके लिए तो आप डॉक्टर ही हैं और मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए सीएमएचओ डॉ अजीत मिश्रा जी से मैं विनती कर लूंगा कि मरीजों को तरीके से देखने का जो सिलसिला सालों से करते आ रहे हैं वह 2 घंटे भी ओपीडी में बैठ जाएं तू सभी मरीजों का मनोबल भी बढ़ेगा और एक एमडी मेडिसिन डॉक्टर शरीर की सभी बीमारियां सकरी में 70% बीमारियां एमडी मेडिसिन डॉक्टर ही संभाल सकता है ।
               ओपीडी में भी मरीज  इसी तरह के आ रहे हैं वहीं वादों में भी मरीजों को पलंग नहीं मिल रहे हैं आलम यह है कि गैलरी के गद्दे पर 2 मरीज को लेट कर इलाज करना पड़ रहा है उमस भरी गर्मी के कारण बड़ों के साथ बच्चों को खांसी जुकाम बुखार में गला खराब वायरल फीवर होने की परेशानी अधिक देखने को मिल रही है अगर वायरल फीवर में 3 दिन मरीज को बाहर की हवा थकान नहीं हो संपूर्ण बेड रेस्ट और एंटीवायरस एप्स रिवर ब्लू 3 दिन के भीतर खत्म हो जाना चाहिए अगर यह 3 दिन के बाद ह दूसरी का घातक बीमारी बना रहा तो इसका दुष्परिणाम दूसरी घातक बीमारी टाइफाइड इस्नोफीलिया आदि के थोड़े लक्षण आने लगते हैं ओपीडी वाह रोगी विभाग में इन दिनों 12:00 सौ के लगभग मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं जिसमें 800 या 900 मरीजों को वायरल जनित खांसी जुकाम गला खराब है बुखार के हैं इसी इंदौर में भी मरीजों की संख्या ज्यादा है इसके अलावा निजी नर्सिंग होम और प्राइवेट क्लीनिक पर भी इन दिनों मरीजों की भीड़ उमड़ रही है इसलिए यहां है कि जिला चिकित्सालय में फल ना मिलने की वजह से लोग निजी अस्पतालों और क्लीनिक पर झोलाछाप डॉक्टरों तक उपचार करा रहे जिससे गरीब मरीजों कि यह भी देरी हो रही है इस बीमारी से बुखार के साथ खाने में गंद की समस्या होती है एमडी मेल मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉक्टर शैलेंद्र सिंह परिहार बताते हैं कि अमूमन इस मौसम में वायरल फीवर के मरीज निकलते हैं लेकिन हर दूसरा मरीज एक अलग तरह की दिक्कत बता रहा है मरीजों का कहना हैअस्पताल कि उन्हें खाने में गंध आती है हालांकि मरीज को ऑक्सीजन सेंचुरी सन ठीक है अब अच्छी बात है नहीं लेट लेट को लेकर लोगों में गैस बैठ गया है जबकि आमतौर पर प्लेटलेट कम होती हैं हालांकि इस मौसम में लोग गुनगुना पानी किए ताजा खाना खाएं और साफ-सफाई के साथ अपना ध्यान रखें तो इससे बचा जा सकता है इधर जिला चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ कम होने से परेशान हो रहे हैं मरीज जिला चिकित्सालय में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से वादों में नर्सिंग स्टाफ नहीं बढ़ाया गया है बुधवार को दोपहर महिला मेडिकल वार्ड में सिर्फ एक नर्स की ड्यूटी थी वह भी एक मरीज से दूसरे मरीज की देखने में चकरघिन्नी हो रही थी बावजूद मरीज संतुष्ट नहीं थे वार्ड में भर्ती कुछ मरीजों का कहना है कि उन्हें सुबह से सिर्फ एक इंजेक्शन लगाया गया है कोई आराम नहीं मिल रहा है कोई देखने वाला डॉक्टर नहीं आ रहा है इस पर डॉक्टर कोयल उमस भरी गर्मी के चलते वायरल फीवर के मरीज बढ़ गए हैं मेडिकल वार्ड में पड़ा फूल हो गए हैं इसलिए गैलरी में प्रति डलवाए हैं साथ ही पलंग भी बढ़ाए जा रहे हैं जो मरीज ठीक हो रहे हैं उन्हें जल्द डिस्चार्ज किया जा रहा है उक्त बात सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय भिंड के डॉ अनिल गोयल ने अभी तक न्यूज़ ब्यूरो चीफ डॉक्टर रवि शर्मा से बातचीत में कहा