गणेश चतुर्थी ; मोटे गणेश मंदिर में 15 वर्ष से अखंड ज्योति जल रही

 भिंड से डॉ रवि शर्मा
भिंड १० सितम्बर ;अभी तक;  भिंड जिले में प्राचीन धार्मिक स्थल पूरी संख्या में जिला मुख्यालय पर गोरी सरोवर के किनारे मंदिरों की संख्या में एक मोटे गणेश का मंदिर भी है । मोटे गणेश मंदिर का इतिहास काफी पुराना है इस वजह से यह मंदिर भक्तों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है । यहां गणेश जी की पाषाण प्रतिमा पर पहले बंधन लपेटा जाता है इसके बाद सजाया जाता है । मंदिर में करीब 5 फीट प्रतिमा है । इन्हें श्रद्धालु मोटा गणेश नाम से पुकारने लगे हैं यहां अखंड ज्योति प्रज्वलित है ।
               यहां बता दें गोर सरोवर के किनारे शिव मंदिरों की लंबी श्रृंखला है इसमें बनखंडी से मां कालेश्वर सितंबर इन मंदिरों के निर्माण के समय ही मोटे गणेश मंदिर का निर्माण होना बताया जाता है ।चारभुजा प्रतिमा में एक हाथ में फंसा दूसरे में माला तीसरे में पूर्ण और चौथे में लड्डू है जबकि पैर के नीचे की ओर सवारी मूषक यानी कि हुए ही नजर आता है मंदिर में 15 वर्षों से चल रही अखंड ज्योति ।
             पुजारी संजय मीणा का यह बताते हैं कि  सन 2005 में अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई थी तब से यह निरंतर चल रही है मान्यता है जहां तक साल तक अखंड ज्योति और जब तक चलता रहे ऐसी दिखती हो जाता है गणेश मंदिर को तो सालों से सिद्ध पीठ की मान्यता मिली हुई है मंदिर में गणेश प्रतिमा स्थापित है तो दूसरी ओर भगवान शिव पार्वती कार्तिकेय के अलावा देवी दुर्गा और हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित है।