*गणेश विसर्जन और जलीय जीवो का भोजन*

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर १३ सितम्बर ;अभी तक;  प्रो  प्रेरणा मित्रा द्वारा गणेश चतुर्थी के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा मे एक प्रयास किया गया‌ l उन्होंने मिट्टी की खोखली गणेश प्रतिमा को बनायी प्रतिमा के सूखने पर छोटे से छिद्र द्वारा अच्छी मात्रा में सकारात्मक मोटा अनाज (मिलेट्स) प्रतिमा में भर पैक कर दिया.
                 प्राकृतिक रंगों जैसे कि हल्दी, चंदन, कंकु, फल,सब्जी के रंग बीजों इत्यादि द्वारा मूर्ति को सजाया प्रो.प्रेरणा मित्रा का कहना है कि अधिकांश लोग गणेश प्रतिमा का विसर्जन नदी में करते हैं यदि गणेश जी की मिट्टी से बनी प्रतिमा में अच्छी मात्रा में अनाज रखा जाए तो वह जलीय प्राणियों के लिए भोजन का कार्य करता है मिट्टी से बनी प्रतिमा द्वारा पर्यावरण को नुकसान नहीं होता है,और प्राकृतिक रंगों से मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है l
इस तरह से छोटे-छोटे प्रयासों के द्वारा हम प्रकृति के साथ बेहतर संबंध स्थापित कर सकते हैं