गुरू पूर्णिमा पर्व को लेकर 21 जुलाई से पूर्व सील होगी महाराष्ट्र की सीमाएं

मयंक शर्मा
खंडवा २० जून ;अभी तक;  जिले में कोरोना लहर का असर भले ही कम हो गया हो लेकिन कोरोना वायरस अभी गया नहीं है। पड़ोसी प्रांत महाराष्ट्र में अभी भी कोरोना लहर के चलते पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कम नहीं हुई है। ऐसे में पूर्व वर्ष की भांति ही दादाजी धाम पर गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। शनिवार को गुरू पूर्णिमा पर्व को लेकर एसडीएम ममता खेड़े ने बैठक आहूत की।
                सभी ने सहमति जताई कि शासन-प्रशासन की गाइड लाइन के अनुसार ही गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। बड़ी संख्या में दादाजी भक्तों के आने पर प्रतिबंध रहेगा और गुरू पूर्णिमा के पूर्व 21 जुलाई से महाराष्ट्र से लगी सीमाएं सील कर दी जाएगी।
                 दादाजी धाम के  ट्रस्टी सुभाष नागोरी ने आश्वस्त किया कि प्रशासन की गाइड लाइन का पालन किया जाएगा क्योंकि गुरू पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में महाराष्ट्र से लगे बैतूल, पार्ढुना के श्रद्धालुओं के साथ ही जलगांव, चापड़ा, नागपुर के भी भक्त आते हैं।
                  पर्व पर सीमित श्रद्धालुओं को बहार से दर्शन कराएंगे।  ब्ेाठक में दादाजी ट्रस्ट मंडल, ं व दादाजी ट्रस्ट की ओर से शांतनु दीक्षित के साथ ही पटेल समिति के मदन भाऊ ठाकरे, जतिन पटेल, छोटे सरकार की ओर से आरके शर्मा, शिवकुमार तिवारी ने भाग लियां । शहर के श्रद्धालुओं से भी अनुरोध किया गया है कि ढोल-ढमाके, डीजे के साथ बड़ी संख्या में निशान न ले जाए इस पर भी प्रतिबंध रहेगा। एसडीएम ने कहा कि पर्व को लेकर जल्द ही में कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर गुरू पूर्णिमा पर्व की गाइड लाइन तय कर जारी कर दी जाएगी।
                     उल्लेखनीय है कि अवधूत दादा घूनी वाले के नाम से यहां  बडे दादाजी याने केशवानंद जी व छोटे दादाजी याने हरिहरनंदजी की सामाधियां दादाजी धाम  है जहां दर साल गुरूपूर्णिमा पर तीन दिनी मेला लगता है और करीब चार पांच लाख की भीड जुंटती है। सससमूचा नगरवासी इनकी आगवानी व सेवा सुश्रुषा में तन मन धन से समर्पित होते हैं । गत साल की भांति इस साल भी पर्व पर आयेाजक धार्मिक औपचारिकता पूर्ण करने तक ही सीमित होगें। प्रतिबंध कडे ही होगे। ऐसे संकेत है।