चंबल नदी में आई बाढ़ में ध्वस्त 23 घर और पंचायत सचिव की लिस्ट में सिर्फ एक नाम

भिंड से ड रवि शर्मा

भिंड २ सितम्बर ;अभी तक; इस घटना को लेकर विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीण जनउनके भिंड जिले के ला हार्दिक आसकंद्रा के ग्राम भरा में बाढ़ में व्यस्तउनके हुए 23 मकानों का मुआवजा दिलाने के लिए पीड़ितों के नाम सूची में दर्ज किए जाने की गुहार करना एक ग्रामीण युवक को महंगा पड़ गया सीईओ जनपद पंचायत लाडनूं युवक के अलावा उनके छोटे भाई मैं पंचायत निरीक्षक उसके पिता के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के अलावा मारपीट व जान से मारने की धमकी एम एस सी एसटी एक्ट के तहत आरोप में केस दर्ज कराया है ।

सी ई ओ जनपद पंचायत लहार आलोक स्टोरियां पुत्र पातीराम स्टोरी आने पुलिस की शिकायत में बताया कि आरोपी अनुज उपाध्याय रमाकांत उपाध्याय अतुल अनूप उपाध्याय अपने दो अज्ञात साथियों के साथ 31 अगस्त की रात करीब 4:30 बजे उनके दफ्तर में आए और सर्वे सूची पर जबरन दस्तखत करने के लिए कहने लगे मना करने पर आरोपियों ने उनके साथ न सिर्फ जुमा जट्ट की करती बल्कि मोबाइल छीन कर तोड़ दिया इतना ही नहीं उन्हें जातिसूचक रूप से अपमानित करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी इस पर पुलिस ने तीन नामजद सहित पांच लोगों के खिलाफ धारा 353 332 294 427 506 34 के तहत केस दर्ज कर लिया है इधर पंचायत निरीक्षक द्वारा सर्वे की जांच में पाए गए थे 23 मकान ध्वस्त आरोपी बनाए गए अपने उपाध्याय ने बताया कि गांव में कुल 23 मकान गिरे हैं लेकिन सीईओ जनपद पंचायत द्वारा कराए गए सर्वे में सिर्फ एक ही मकान नाम पीड़ित के रूप में शामिल किया गया है इसकी शिकायत करने पर पंचायत समन्वय अधिकारी नवल सिंह चौहान एवं पंचायत निरीक्षक प्रदीप खरे द्वारा संयुक्त रूप से की गई जांच में उपरोक्त 23 मकान टूटे पाए गए बावजूद इसके उन्हें पीड़ित तो परिवारों के नाम शामिल करने के लिए सिर्फ निवेदन करने गए थे फिर भी उसके और उनके पिता व्यवसई के खिलाफ झूठी एफ आई आर दर्ज करा दी गई है इधर ग्रामीण भी इस मामले को झूठा दर्ज कराया है मामला ग्रामीण बोले अनुज उपाध्याय थे अलावा उनके पिता और भाई के खिलाफ एफ आई आर दर्ज हो जाने की सूचना पर बरहा गांव के लोगों ने 1 सितंबर की सुबह एसडीओपी लहार से न्याय की गुहार करने हुए कहां है कि गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ दर्ज कराया गया मामला झूठा है ग्रामीणों को न्याय संगत आश्वासन नहीं मिलने पर उन्होंने एसडीओपी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर दिया है और अभी भी घटना प्रदर्शन ग्रामीणजन बैठे हुए हैं