जो भी संतान माता पिता को महत्व देगी उसे संसार में यश मिलेगा । 

महावीर अग्रवाल
मंदसौर ६ सितम्बर ;अभी तक; संतान के चार प्रकार श्रेष्ठ संतान बने-  साध्वीजी ने कहा कि शास्त्रो के अनुसार संतान के चार प्रकार माने गये है। अतिचार अथार्त जो माता पिता के यश को बढाये अनुसार  अथार्त  जो माता पिता के धन व यश को बनाये रखे। अवपात अथार्त माता पिता के द्वारा कमाये धन प्रतिष्ठा को नष्ठ कर दे गुलामगार अथार्त कुल की  यश प्रतिष्ठा को पुरी तरह समाप्त करने वाला । आप विचार करे कि आप कौन सी केटेगरी में आते है जीवन में श्रेष्ठ को पुरी तरह समाप्त करने वाला  आप विचार करे कि आप कौनसी केटगरी में आते है जीवन मेे श्रेष्ठ संतान बनने वाला आप विचार करे कि आप कौन सी केटगरी में आते है जीवन मे श्रेष्ठ संतान बनने का प्रयास करे।
            100से अधिक तेले तीन उपवास की तपस्याये- साध्वी डाॅ दिव्यप्रभाजी मसा की पावन प्रेरणा से स्थानकवासी जैन समान के धमार्लुजन प्रयूर्षण पवर् में तप तपसयाये कर जीवन को बन रहे है प्रयर्षर्ण पवर् के प्रथम दितीय व तृतीय दिवस  तीन उपवास की तपस्याये लगभग 100 दिवस धमार्लुजनो के द्वारा की जा रही है आज इनर तपस्वियो का सामूहिक पारणा होगा।
             कल भगवान महावीर का जन्मकल्याध्ण मनेगा- दिनांक 8 सितम्बर बुधवार को प्रयूर्षण पवर् के पंचम दिवस जैन दिवाकर स्वाधययाय भवन में भगवान महावीर का जन्मकल्याण मनाया जायेगा। स्थानकवासी जेन समाज की परमम्परा अनुसार प्रभु महावीर का जन्म वाचन धमार्लुजनो को साध्वी के द्वारा श्रवण कराया गया।