दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कारित करने वाले आरोपीगण को आजीवन कारावास 

रवि शर्मा
भिंड ९ सितम्बर ;अभी तक; न्यायालय –  श्री एम.एल. राठौर, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (डकैती) भिण्ड  ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कारित करने वाले आरोपीगण को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है । प्रकरण में अभियोजन का संचालन श्री प्रवीण दीक्षित, विशेष लोक अभियोजक एवं श्रीमती हेमलता आर्य विशेष लोक अभियोजन जिला भिण्ड द्वारा किया गया है।
                   सहायक मीडिया सेल प्रभारी कु0 मनोरमा शाक्य द्वारा बताया गया कि प्रकरण के फरियादी जयराज सिंह चैहान पुत्र कुंअर बहादुर सिंह चैहान निवासी ग्राम गढी थाना मेहगांव जिला भिण्ड द्वारा अपने मित्र रामनरेश शर्मा के साथ आरक्षी केन्द्र सिटी कोतवाली पर आकर दिनांक 01.12.2015 को यह मौखिक रिपोर्ट की कि – मैं ग्राम गढी थाना मेहगांव में रहता हूं तथा मेहगांव के पास खाने का होटल है, आज दिनांक 01.12.2015 को मैं अपने भतीजे शानू उर्फ अभिषेक सिंह चैहान के साथ मोटरसाईकिल से होटल का सामान खरीदने हेतु भिण्ड आया था जैसे ही मैं यूको बैंक के पास आया तभी अश्वनी पुरोहित , लकी शास्त्री, मजनू उर्फ छोटू शर्मा, अन्नू पंडित ने मुझे रोक लिया, रूकते ही चारों लोग मेरे भतीजे शानू उर्फ अभिषेक से बोले मादरचोद बहुत बडा नेता दादा बनता है , मेरे भतीजे ने कहां कि गाली क्यों देते हो सोई लकी , मजनू , अन्ना पंडित ने कहा अश्वनी इसे आज जान से खत्म कर दो  इतने में अश्वनी पुरोहित ने कट्टे से जान से मारने की नियत से गोली मारी जो मेरे भतीजे शानू उर्फ अभिषेक के दाहिनी आंख के नीचे गोली लगी, मेरा भतीजा गिर गया, वही पर खडे रामनरेश शर्मा व अविनाश तोमर आ गए थे , सोई चारों लोग पैदल भाग गए, मैं व रामनरेश शर्मा ,अभिनाश तोमर अपने भतीजे शानू उर्फ अभिषेक को जिला अस्पताल भिण्ड इलाज हेतु ले गए। अस्पताल से मेरे भतीजे को डाॅक्टर द्वारा ग्वालियर रैफर करने पर परिवारजन ग्वालियर ले गए। उक्त शिकायत के आधार पर थाना सिटी कोतवाली भिण्ड में अप0क्र0 625/15 पर भादवि की धारा 307, 341, 294, 34 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्व किया गया। इसके उपरान्त आहत शानू उर्फ अभिषेक की मृत्यु हो जाने पर भा0द0सं0 की धारा 302 का इजाफा किया जाकर विवेचना उपरान्त अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रकरण को शासन द्वारा चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज के रूप में चिन्हित किया गया था ।
                   द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश भिण्ड द्वारा विचारण पश्चात अभियुक्त अश्वनी को धारा 302 भा0द0सं0 के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं 10000/- रुपये के अर्थदण्ड, धारा 25(1-बी) ए आयुध अधिनियम के तहत 02 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000/- रुपये के अर्थदण्ड, धारा 27 आयुध अधिनियम के तहत 05 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । अन्य आरोपीगण लक्की उर्फ रुद्रंाश एवं अनूप उर्फ अन्ना को धारा 302/34 भा0द0सं0 के तहत सश्रम आजीवन कारावास तथा 10000-10000 अर्थदण्ड की राशि से दण्डित किया गया ।