पन्ना में अवैध हीरा उत्खनन और अतिक्रमणकारियों पर बड़ी कार्यवाही, वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्यवाही

11:00 pm or September 5, 2021
पन्ना में अवैध हीरा उत्खनन और अतिक्रमणकारियों पर बड़ी कार्यवाही, वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्यवाही
दिलीप शर्मा दीपक
पन्ना ५ सितम्बर ;अभी तक;  हीरे के लिए विख्यात पन्ना में अवैध हीरा उत्खनन और अतिक्रमणकारियों की मिल रही लगातार शिकायतों के बाद जिला प्रशासन द्वारा आज बड़ी कार्यवाही की गई । जिला कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा के निर्देश पर वन विभाग और राजस्व विभाग ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए कथित दवांगों द्वारा अबैध हीरा उत्खनन ओर अतिक्रमण पर जेसीवी चलाकर भारी नुकसान पहुचाया है। इन दवंगों द्वारा फारेस्ट और राजस्व की भूमि पर कब्जा करके खदाने संचालित की जाती थी। प्रसासन को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्यवाही हुई है।इस कार्यवाही से हीरा की अवैध खदाने लगाने वालों में हड़कंप मच गया है।
                   पन्ना में हीरे का अवैध उत्खनन और व्यापार कोई नई बात नहीं है पर यह व्यापार बीते कुछ दिनों से खूब फल फूल रहा था और माफिया सरकारी जमीनों पर पहले खत्री यानी पत्थर की वाल बना कर कब्जा करते थे और 25 बाई 25 का प्लॉट एक लाख रुपये तक में बेच देते थे,,,सफेद हीरे के इस काले कारोबार में नीचे से ऊपर तक लोग शामिल रहे हैं पर खबर के बाद जिला प्रशासन जागा और पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा एवं उत्तर वन मंडल के वन मंडल अधिकारी गौरव शर्मा ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और ताबड़तोड़ कार्यवाही की गई खनिज राजस्व और वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की 150 से अधिक लोगों की टीम ने धरपकड़ अभियान शुरू किया और इसके बाद मशीन के माध्यम से अतिक्रमण हटाना शुरू किया जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई माफियाओं में हड़कंप मच गया और भगदड़ की स्थिति निर्मित हो गई यह कार्यवाही देर रात तक चलती रही जिसमें मशीन खत्री यानी बाल गिराती रही और अधिकारी कर्मचारी अवैध उत्खनन की जांच पंचनामा कर जब्ती के काम में लगे रहे। मामले की जानकारी लगने के बाद इस हीरे के
अबैध व्यापार से जुड़े लोगों में भय व्याप्त है। कुछ लोगों ने हीरे के अबैध व्यापार से करोड़ों कमाए हैं वह मुंह छुपा कर भागने लगे हैं।
       जिला प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है कि जो भी अवैध काम करेगा उसे अब छोड़ा नहीं जाएगा इस कार्यवाही के दौरान डीएफओ हो गौरव शर्मा अनुविभागीय अधिकारी सत्यनारायण, तहसीलदार, थाना प्रभारी ,वन विभाग के एसडीओ रेंजर सहित बड़ी संख्या में अधिकारी कर्मचारी इस कार्यवाही में शामिल रहे । बतादें कि अवैध उत्खनन में सबसे पहले मजदूरों को आगे किया जाता है और मिट्टी में इन्हीं के माध्यम से खुदाई करवाइ जाती है लिहाजा दूर-दूर से लाकर इन मजदूरों को इसी इलाके में अवैध अस्थाई आवास बनाकर रखा जाता है जब कार्यवाही शुरू हुई तो यह आशियाने भी उजड़ गए और मजदूरों को अपना सामान समेटकर भागना पड़ा हालांकि जिला प्रशासन ने मजदूरों को परेशान नहीं किया उन्हें अपना सामान निकाल कर ले जाने का आदेश दिया और मजदूर अपना खाने-पीने का राशन उत्खनन में प्रयुक्त होने वाले औजार लेकर अपने अपने घरों की ओर रवाना होने लगे।लंबे समय बाद जिला प्रसासन की इस कार्यवाही की अब चर्चाएं गली चौराहों पर हो रही है।