पूरे प्रदेश में बिजली संकट, सिंगाजी थर्मल पॉवर, एनटीपीसी को कोयला मुहैया नहीं करा पा रही सरकार ;अरूण यादव

मयंक शर्मा
खंडवा २ सितम्बर ;अभी तक; मप्र की भाजपा सरकार चोरी से बनी है। पहले से ही यह सरकार कर्ज में डूबी हुई है।  15 साल में मप्र इनकी सरकार रही। इसके बाद इन्होंने कुछ नहीं किया। कहीं चार तो  छह घंटे बिजली मिल रही है। सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिल पा रही है। यहां तक कि अब तो घरों की बिजली में भी कटौती की जा ही है। मप्र सरकार पर कोयला कंपनियों का करीब एक हजार करोड़ बकाया है। जिसे सरकार चुका नहीं पा रही है।
                 यह बात अपने खंडवा प्रवास के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री व मप्र कांग्रेसपूर्व अध्यक्ष अरूण यादव ने कही। श्री यादव ने कहा कि आज
भारी बिजली का संकट पूरे प्रदेश में है। बिजली उत्पादन इकाईयां सिंगाजी, एनटीपीसी इकाई को कोयला नहीं मिल रहा है, क्योंकि एक हजार करोड़ कंपनियों को देना है। सरकार उन्हें भुगतान नहीं कर पा रही है।प्रोडक्शन नहीं हो पा रहा है इसलिए बिजली की शार्टेज हो रही है। हमारे जमाने में तो यह खूब नारे लगाते थे कि जनता मोमबत्ती में सरकार लालबत्ती में। अब क्या हुआ। प्रदेश के उर्जा मंत्री प्रधुमन सिंह क्या समझते हैं कि नाली साफ करने से
बिजली मिल जाएगी। उनको तो वास्तविक स्थिति क्या है यही नहीं पता। उनके बयान अलग ही आ रहे हैं।
                  श्री यादव ने कहा कि हमने 120 करोड़ की नर्मदा जल योजना  स्वीकृत की थी। तब कमलनाथ जी केंद्रीय मंत्री थे। परंतु नर्मदा जल योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया। जो क्वालिटी और वर्क होना चाहिए था वह नहीं हुआ। अभी भी लंबी चौड़ी घोषणाएं करके गए हैं। नर्मदा जल योजना में कौन जिम्मेदार हैं। जब चुनाव होते हैं तब खंडवा को गोद ले लेते हैं बाद में भूल जाते हैं।
                श्री यादव ने कहा कि मप्र के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान पिछड़ों के नाम पर राजनीति करते हैं। परंतु सत्ता में रहते हुए उन्होंने अब तक पिछड़ों को आरक्षण क्यों नहीं दिया। अगर हमारी सरकार रहती तो इस प्रदेश में पिछड़ों को हक जरूर मिलता। भाजपा की सरकार को 18 साल में आरक्षण देने में किसने रोका था।