भिंड जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार, गली गली में झोलाछाप डॉक्टर

रवि शर्मा

भिंड ३ सितम्बर ;अभी तक; भिंड जिले में ही नहीं भिंड जिला मुख्यालय पर झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार गली गली में झोलाछाप डॉक्टर, उन्हें  दवाइयों के प्रभाव वह दुष्प्रभाव की जानकारी भी नहीं है । मरीज को जिला चिकित्सालय में डॉक्टर उपलब् ना होने के कारण मजबूरन ग्रामीणों क्षेत्र से आए मरीज इन झोलाछाप डॉक्टरों की चुंगल में फंस कर इलाज करा रहे हैं । यहां तक की इतनी जांच लिखते हैं उसमें भी पैथोलॉजी बिना रजिस्ट्रेशन वाली लैबी  पर भेज कर 50% कमीशन झोलाछाप डॉक्टर का रहता है ।

इसी तरह अल्ट्रासाउंड मशीन जिला चिकित्सालय में होने के बावजूद विगत महा डॉक्टर एमपी सिंह रेडियोलॉजिस्ट का रिटायरमेंट होने के बाद उक्त रेडियोलॉजिस्ट के बाद किसी भी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति अभी तक नहीं हुई है और अल्ट्रासाउंड मशीन धूल खा रही है वैसे भी डॉक्टरों का कहना है कि उक्त अल्ट्रासाउंड मशीन बहुत पुरानी है और चाइना की बनी हुई है रिपोर्ट सही नहीं आती है इस कारण मरीजों को प्राइवेट अल्ट्रासाउंड जिला चिकित्सालय के बाहर खुली अल्ट्रासाउंड मशीनों पर कराना पड़ता है मजबूर होकर ।

सूत्रों द्वारा ज्ञात हुआ है कि तकरीबन जिला चिकित्सालय के सामने 5 अल्ट्रासाउंड मशीन प्राइवेट लगी हुई है और जिला मुख्यालय पर जिला चिकित्सालय में सीटी स्कैन मशीन प्रभारी मंत्री कोविड-19 एस भदौरिया ने कोरोना काल के समय का था की सीटी स्कैन मशीन 1 माह के भीतर लग जाएगी इसे बीते तकरीबन 3 माह होने जा रहे हैं परंतु आज तक सिटी स्कैन मशीन नहीं लग पाई है जब जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉ अनिल गोयल सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय भिंड से पूछा गया तो उन्होंने कहा मशीन का ऑर्डर दे दिया गया है और मशीन रास्ते में आ रही है और मध्यप्रदेश में तेरा नई मशीन जिला मुख्यालय पर लगना उसके बाद उस कंपनी द्वारा 12 मशीनों के लग जाने के बाद इस्तेमा जिला चिकित्सालय में लगने की संभावना है इस तरह अल्ट्रासाउंड मशीनों पर भारी भीड़ सीटी स्कैन मशीन हो पर भारी भीड़ और इन सब डॉक्टरों द्वारा लिखी जाने वाली जांच सीटी स्कैन अल्ट्रासाउंड वे पैथोलॉजी जांच में 50% संचालक को कमीशन के तौर पर पर परसेंट के हिसाब से चारा जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर को या झोलाछाप डॉक्टर हो ।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भिंड शहर में बिना डिग्री धारी झोलाछाप डॉक्टर जिनके पास किसी प्रकार का अनुभव ना होने पर भी वह धड़ल्ले से चल रही है चिकित्सा विभाग की की फ्लाइंग स्कोर टीम में 3 सदस्य हैं इन सदस्यों के पास मोटी रकम हर मां पैथोलॉजी झोलाछाप डॉक्टर आदि अन्य जगहों से प्रतिमाह इनके घर पर और पर डे के हिसाब से कमीशन पहुंच जाता है संचालक द्वारा सूत्रों द्वारा ज्ञात हुआ है कि केंद्रीय चिकित्सा विभाग द्वारा कल से तीसरी लहर के पूर्व ही भिंड जिले में जितने भी प्राइवेट प्रैक्टिशनर वैद्य विशारद का डिप्लोमा आरएमपी डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जाएगी कोविड-19 का प्रशिक्षण प्रतिदिन 10 दिन तक दी जाएगी इसमें प्राइवेट डॉक्टरों को झोलाछाप डॉक्टरों को शामिल किया गया है जिसमें 89 डॉक्टर्स लिस्ट में पंजीकृत किए गए हैं इन डॉक्टरों से ₹20000 कोविड-19 प्रशिक्षण के लिए चिकित्सा विभाग की टीम के अधिकारियों द्वारा जमा करने के लिए कहा गया है और जिसने जमा नहीं पैसा जमा ना पिया तो उसका लिस्ट से नाम काट दिया जाएगा एक व्यक्ति ने इसके लिए केंद्र से आए चिकित्सा विभाग से आदेश या अन कोविड-19 प्रशिक्षण जिला चिकित्सालय में दिया जाएगा और उसका खाने पीने का अन्य खर्चे और आने जाने का किराया वे सभी सुविधाएं केंद्र सरकार वहन करेगी परंतु यहां केंद्र सरकार के आदेशों को बलाए ताक पर रखते हुए पृथ्वी हेड प्रति डॉक्टर ₹30000 फ्लाइंग स्कॉट 3 जिसमें एक एक डॉक्टर होम्योपैथिक और एक डॉक्टर एमबीबीएस पूर्व में टीवी हॉस्पिटल के प्रभारी थे वह तीसरे हेड क्लर्क द्वारा मिलकर प्रत्येक डॉक्टरों से फीस ₹30000 कलेक्शन करके प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है पूरी लिस्ट में 139 डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा परंतु सभी कोई भी सार उसमें स्पष्ट लिखा हुआ है प्रशिक्षण के कोई भी प्राइवेट प्रैक्टिस रन आरएमपी डॉक्टर सभी का खर्च केंद्र सरकार द्वारा उठाया जाएगा और प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद उनकी यानी केंद्र सरकार की ओर से उन्हें आने-जाने रहने का खर्च के अलावा अन्य प्रोत्साहित राशि प्रदान की जाएगी परंतु भिंड जिला चिकित्सालय प्रशासन प्रत्येक डॉक्टर से ₹20000 प्रशिक्षण के सरे आम ले रह है और कल से प्रशिक्षण चालू हो जाएगा और अवैध वसूली की गई रकम का बंदरबांट भली-भांति हो जाएगा इन्हीं प्रशिक्षण डॉक्टरों ने नाम न बताने की शर्त पर आज इस संवाददाता को बताया और आरटीआई के तहत भिंड जिला चिकित्सालय में डॉ अजीत मिश्रा से आदेश की प्रति जो भारत सरकार द्वारा आई है डॉ अजीत मिश्रा सीएमएचओ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिंड के अधीनस्थ चिकित्सा छापामार दल के तीन कर्मियों द्वारा किए गए इकट्ठे भारी-भरकम रकम का पूर्ण विवरण मांगा है