मनासा ,नारायणगढ़ के बाद अब शामगढ़ में भी ऑक्सीजन प्लांट प्रारम्भ होने की तैयारी में है

महावीर अग्रवाल
मंदसौर २० जून ;अभी तक;  पूर्व मंत्री एव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री नरेन्द्र नाहटा इन दिनों सोशयल मीडिया पर सक्रिय है। उन्होंने अपने फेस बुक पोस्ट पर लिखा किअब शामगढ़ में भी ऑक्सीजन प्लांट प्रारंभ होने की तैयारी में है। उन्होंने लिखा कि यह तो तभी प्रारंभ हो जाना चाहिए था। पढे आगे वे क्या लिखते है। मनासा ,नारायणगढ़ के बाद अब शामगढ़ में भी ऑक्सीजन प्लांट प्रारम्भ होने की तैयारी में है।  मनासा इसलिए भिन्न है कि इसमें जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण रही।  जनता की पहल  और योगदान से ही यह प्लांट आ सका।
                   मैंने एक फेसबुक पोस्ट लिखकर मनासा विधायक जी से आग्रह किया था कि कोविड  की समस्या के समाधान में लगने वाली धनराशि का उपयोग इस तरह हो कि मनासा अस्पताल  में कोविड  के बाद भी लम्बे समय तक उन सुविधाओं का लाभ जनता को मिल सके जिनके लिए उसे बाहर जाना पड़ता है।  ऑक्सीजन की कमी के चलते मेरी बात निरर्थक और अप्रासंगिक समझी गई।  मात्र एक महीना हुआ है।  हिसाब लगाइये की मनासा प्लांट कितना काम आ रहा है।  यही स्थिति नारायणगढ़ और शामगढ़ की होगी।  ये प्लांट  आवश्यक थे , इनका काम पहले चरण के चलते , जबकि वैज्ञानिक दूसरे चरण की चेतावनी दे रहे थे , तभी शुरू हो जाना चाहिए था। ऐसा कर लेते तो हम पता नहीं कितने मरीजों की जान बचा सकते थे।  मै  समझ रहा था कि इन प्लांट की घोषणा कोविड  मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने से ज्यादा उस आक्रोश को शांत  करने के लिए थी जो मरीजों और उनके परिजनों में ऑक्सीजन , इंजेक्शन और बिस्तर की अनुपलब्धता के चलते फूट रहा था।  इन प्लांट के लगते लगते कोरोना कम पड़  गया , अनलॉक हो गया और जनजीवन सामान्य हो रहा है।  इन परिस्थितियों में ये प्लांट किस काम आएंगे।  सामान्य परिस्थितियों में ऑक्सीजन वहां काम आएगी जहां गंभीर बीमारी के मरीज भर्ती हो।  ऐसे मरीज वहां आएंगे जहां शेष सुविधाएं भी हो जैसे वेंटीलेटर ,ईसीजी  मशीन ,पैथोलॉजी लैब इत्यादि तथा योग्य डॉक्टर ।  इसलिए यदि मनासा में छोटा प्लांट लगता , जैसा की मानव सेवा समिति का प्रस्ताव था और शेष राशि से  एक आय सी यू  बन जाता तथा दूसरी  सुविधाएं उपलब्ध हो जाती  तो  गरीब मरीज को यह बड़ी सुविधा होती, उसे नीमच और उदयपुर नहीं जाना पड़ता।  अब सुन रहा हूँ कि  मनासा प्लांट से ऑक्सीजन बाजार  में सप्लाई की जायेगी।  नारायणगढ़ और शामगढ़ में क्या होगा मुझे पता नहीं।
                 सरकारी अस्पतालऔर रोगी कल्याण समितियां व्यापार के लिए नहीं है।  मेरा आग्रह है कि  ऐसा मत कीजियेगा।  रोगी कल्याण समितियां, शाला प्रबंधन समितियां इत्यादि संस्थाए  इसलिए बनी थी कि इनके संचालन में जनता की सक्रिय भागीदारी हो और सरकारी हस्तक्षेप कम हो। दुर्भाग्य से ये संस्थाए राजनीतिक नियंत्रण में चली गई।
                 अब इन ऑक्सीजन प्लांट का क्या हो? तीनों  मंत्रियों और विधायक जी से मेरा आग्रह है कि प्रत्येक उस अस्पताल में जहां ऑक्सीजन प्लांट लगे है  हार्ट या दूसरी बीमारियों के मरीजों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराएं ताकि ऑक्सीजन का उपयोग हो सके। वरना जनता की करोडो की राशि का कबाड़ बनते हम सब निकट भविष्य में देख लेंगे।