रातापानी अभ्यारण के प्रतीक चिन्ह का संदेश

10:04 pm or September 10, 2021
रातापानी अभ्यारण के प्रतीक चिन्ह का संदेश
दीपक कांकर
रायसेन 10 सितंबर ;अभी तक;  रातापानी वन्य जीव अभयारण्य का यह प्रतीक चिन्ह न केवल रातापानी क्षेत्र के 10000 वर्षों के इतिहास को प्रतिबिंबित करता है, साथ ही रातापानी क्षेत्र की विशिष्टताओं को भी अपने अंदर समाहित किये हुये है। प्रतीक चिन्ह का आकार भीमबैठका की गुफाओं की प्रसिद्ध जू रॉक्स से प्रेरित है। प्रतीक चिन्ह में दर्शाये गये वन्य प्राणियों की आकृतियाँ भीमबैठका के प्रसिद्ध शैल चित्रों से प्रेरित है, जो इस क्षेत्र में मानव एवं वन्य प्राणियों के सदियों से चले आ रहे सहअस्तिव को दर्शाता है।
प्रतीक चिन्ह में मुख्य स्थान बाघ को दिया गया है, जो रातापानी वन्य जीव अभयारण्य का मुख्य आकर्षण है। अभयारण्य मे बाघों की संख्या 40 से अधिक है जो कई राष्ट्रीय उद्यान में उपस्थित बाघों की संख्या से अधिक है।
प्रतीक चिन्ह की बाहरी सीमा पर मानव श्रृंखला को दर्शाया गया है जो न केवल मानव वन्य जीव सहअस्तिव को दर्शाता है, साथ ही वन्य प्राणियों के संरक्षण में स्थानीय लोगो के सहयोग से महत्व को प्रदर्शित करता है। इन्ही स्थानीय लोगों के सहयोग से बाघ एवं वन्य प्राणी इस क्षेत्र में सदियो से संरक्षित रहे है, एवं भविष्य में भी संरक्षित रहेंगें ।