रातापानी वन्यजीव अभ्यारण में चल रहे तितली सर्वेक्षण का समापन,सौ से अधिक प्रजाति की मिली तितली

12:51 pm or September 13, 2021
रातापानी वन्यजीव अभ्यारण में चल रहे तितली सर्वेक्षण का समापन,सौ से अधिक प्रजाति की मिली तितली

-दीपक कांकर

रायसेन १३ सितम्बर ;अभी तक;  जिले के औबेदुल्लागंज बन मंडल स्थित रातापानी वन्यजीव अभ्यारण में 10 सितंबर से चल रहे तितली सर्वेक्षण का  समापन हुआ।जिसमे 20 साल बाद पचमढ़ी बुशब्राउन तितली दिखी,इसके साथ कुछ दुर्लभतम प्रजाति भी रातापानी अभ्यारण में मिली जो आसानी से नही दिखती ।रातापानी अभ्यारण में सर्वेक्षण में करीब 100 से अधिक प्रजातियों की तितलियाँ मिली हैं जो अपने आप मे एक सरप्राइज़ हैं ।कार्यक्रम के अंत मे सभी बलिंटियर्स को प्रमाण पत्र बाँटे ईस अवसर पर  के.रमन अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल संजय शुक्ला अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल, रमनीष गिरी सीबीआई ज्वाइंट डायरेक्टर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे ।

इस  सर्वे को लीड कर रही  तिनसा इकोलॉजिकल फाउंडेशन की अध्यक्ष पीनल पटेल ने बताया कि कुछ दुर्लभ प्रजातियों की तितलियां भी यहां मिली हैं और यहां काफी संभावनाएं हैं तितलियों के संवर्धन एवं संरक्षण की ।

बलिंटियर्स ने कई सारे ट्रेल्स पर सर्वे किया जिसमे 20 साल बाद पचमढ़ी बुशब्राउन तितली दिखी,इसके साथ कुछ दुर्लभतम प्रजाति भी रातापानी अभ्यारण में मिली जो आसानी से नही दिखती जिसमे एनामल्स नबाब,स्माल लेपर्ड,कॉमन शॉट सिल्वर लाइन,तितलियों की ऐसी प्रजातियां हैं जो असानी से नजर नही आती हैं ये जंगल के बहुत अंदर तक होती हैं और असानी से नही दिख पाती है। लेकिन रातापानी में यह आसानी से मिली हैं इनके साथ सर्वेक्षण में करीब 100 से अधिक प्रजातियों की तितलियाँ मिली हैं जो अपने आप मे एक सरप्राइज़ हैं हमने उम्मीद नही की थी कि इस तरह की सफलता हमे यहाँ मिलेंगी तितलियो का सर्वे काफी चुनोतिपूर्ण रहा है लेकिन यह काफी रोमांच और उत्साह से भरा भी था।
बाइल्ड बारियर संस्था के प्रमुख सचिन मटकर ने बताया कि यहां जंगल भी हैं और मैदानी इलाके भी यह अभ्यारण वन्यजीवों के लिए अनुकूल है। यहाँ तितलियों की दुर्लभतम प्रजातियों के साथ करीब 103 प्रजातियां मिली हैं जिसमें पचमढ़ी बुशब्राउन है जो लगभग 20 सालों के बाद रातापानी में देखने को मिली हैं इस सर्वेक्षण की यह बड़ी सफलता मानी जा सकती हैं ।