रिश्‍वत लेने पर उपनिरीक्षक को 04 वर्ष का हुआ सश्रम कारावास 

विधिक संवाददाता
इंदौर १७ सितम्बर ;अभी तक;  जिला अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्‍तव ने बताया कि न्‍यायालय- श्री संजय कुमार गुप्‍ता विशेष न्‍यायाधीश, (भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम) जिला इंदौर के न्‍यायालय में विशेष पुलिस स्‍थापना लोकायुक्‍त कार्यालय, इंदौर के अपराध क्रमांक 119/15, विशेष प्रकरण क्रमांक 09/16, में निर्णय पारित करते हुए आरोपी अजय पल्‍ले पिता स्‍व0 श्री शिवराम पल्‍ले उम्र 43 वर्ष पदच्‍युत उपनिरीक्षक निवासी-  1487-डी, सुदामा नगर, इंदौर को दोषी पाते हुए भ्रष्‍टाचार निवारण अधि0 1988 की धारा 07 में 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रूपये अर्थदण्‍ड तथा भ्रष्‍टाचार निवारण अधि0 1988 की धारा 13 1(घ) स‍हपठित धारा 13(2) में 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रूपये अर्थदण्‍ड एवं 5-5 हजार रूपये के अर्थदण्‍ड की राशि अदा नहीं करने पर 04-04 माह का अतिरिक्‍त सश्रम कारावास से दंडित किया गया। आरोपी द्वारा मूल दोनों सजाऍ साथ –साथ चलेगी, जबकि अर्थदण्‍ड के व्‍यतिक्रम में दी गयी सजायें पृथक पृथक भुगताया जाने का आदेश दिया गया है । प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी श्री जी0पी0 घाटिया विशेष लोक अभियोजक द्वारा की गई ।
                अभियोजन की ओर से श्री जी0पी0 घाटिया विशेष लोक अभियोजक द्वारा तर्क किया गया व उपधारणा के संबंध में ध्‍यान आकर्षित कराते हुए निवेदन किया कि अभियुक्‍त के द्वारा फरियादी को अमानत में खयानत संबंधी शिकायत एवं धारा 420 भादवि की कार्यवाही के लिए धमकाया । आरोपी द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करना गंभीरतम अपराध की श्रेणी मे है इसलिए अभियुक्‍त को कठोरतम दंड से दंडित किये जाने का निवेदन किया गया। न्‍यायालय द्वारा अपने निर्णय में यह लेख किया है ।
             अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 27.10.2015 से 30.10.2015 के मध्‍य पुलिस थाना सेन्‍ट्रल कोतवाली, इंदौर में उप-निरीक्षक के पद पर लोक सेवक के रूप में पदस्‍थ रहते हुए फरियादी विवेक मेहता को दिनांक 27.10.2015 को मोबा.9826161830 से उसके नम्‍बर पर 9630106666 पर फोन लगाकर धमकाया कि तुम्‍हारे और रमेश अन्‍ना पुजारी के खिलाफ अंसार अहमद रानीपुरा इंदौर ने 25 लाख रूपये की अमानत में खयानत संबंधी शिकायत की है । जिस कारण आपके बयान लेना है । दोपहर 02 से रात के 08 बजे थाने पर बैठाकर धोखाधडी के संबंध में धमकाया एवं शिकायत दफा करने के एवज में 50,000 रूपये की रिश्‍वत मांगी । और उसके कहने से सह अभियुक्‍त अमजद पठान ने फरियादी के जेब से 5,500 रूपये जबरन निकाले एवं 20,000 रूपये रिश्‍वत के वैध पारिश्रमिक से भिन्‍न लेना तय करते हुये शेष राशि 10,000 रूपये  की मांग की । फरियादी ने समय मांगा उसी बीच दिनांक 29.10.2015 को अमजद पठान फरियादी की दुकान पर गया एवं दिनांक 30.10.2015 को अमजद के माध्‍यम से  9,000 रूपये की रिश्‍वत लेते हुये रंगे हाथ पकडा । इस प्रकार आरोपी ने अपने पद का दुरूपयोग कर आपराधिक षडयंत्र के तहत कदाचरण का अपराध किया ।  जिस आधार पर विशेष पुलिस स्‍थापना लोकायुक्‍त कार्यालय, इंदौर के अपराध क्रमांक 119/15 आरोपी अजय पल्‍ले पिता स्‍व0 श्री शिवराम पल्‍ले उम्र 43 वर्ष पदच्‍युत उपनिरीक्षक निवासी-  1487-डी, सुदामा नगर, इंदौर के धारा भ्रष्‍टाचार निवारण अधि0 1988 की धारा 07 एवं भ्रष्‍टाचार निवारण अधि0 1988 की धारा 13 1(घ) स‍हपठित धारा 13(2) का अपराध पंजीबद्ध किया गया था । बाद विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्‍यायालय के समक्ष पेश किया गया।