सरकारी मिडिल स्कूलों में आ रहे है 42 फीसदी विद्यार्थी, शिक्षक पालकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने की दे रहे समझाइश

मयंक भार्गव

बैतूल ८ सितम्बर ;अभी तक;  वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए शासन ने विद्यालयों में कक्षाओं के संचालक पर प्रतिबंध लगा दिया था। शासन के निर्देश पर लगभग देढ़ वर्ष बाद माध्यमिक शालाओं में कक्षाओं का विधिवत संचालन 1 सितंबर से प्रारंभ हो गया। विद्यार्थियों की अध्ययन को लेकर दिलचस्पी के चलते शुरूवाती पांच दिनों में ही बैतूल जिले के शासकीय मिडिल स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिती संतोषजनक नजर आ रही है। 6 सितंबर को बैतूल जिले के 873 शासकीय मिडिल स्कूलों में 61 हजार 652 दर्ज संख्या के विरूद्ध 26 हजार 86 छात्र-छात्राएं उपस्थित हुए। हालांकि अभी भी आधे से अधिक विद्यार्थियों ने अभी स्कूलों से दूरी बना रखी है। इधर शिक्षकों द्वारा गृह संपर्क कर पालकों और अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इधर सर्व शिक्षा अभियान के मैदानी अमले द्वारा शाला संचालन एवं अध्ययन अध्यापन की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है।

पालकों की सहमति के बाद ही दे रहे प्रवेश

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 1 सितंबर से मिडिल स्कूलों में 6 वीं से 8 वीं कक्षाओं के संचालन को लेकर जारी दिशा निर्देशों में विद्यार्थियों के स्कूल आने के लिए पालक- अभिभावक की सहमति को अनिवार्य किया है। इसलिए पालक- अभिभावक की सहमति के बाद ही शासकीय मिडिल स्कूलों में विद्यार्थियों को कक्षा में बैठने की अनुमति शिक्षकों द्वारा प्रदान की जा रही है।

पालकों- अभिभावकों को कर रहे प्रेरित- डीपीसी

जिला शिक्षा केन्द्र बैतूल के जिला परियोजना समन्वयक सुबोध शर्मा ने बताया कि शा. मिडिल स्कूलों की कक्षाएं संचालित होने के शुरूवाती दिनों में ही विद्यार्थियों की उपस्थिति संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि शासकीय मिडिल स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है साथ ही कोविड-19 गाइड लाइन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिये है। डीपीसी श्री शर्मा के मुताबिक शिक्षकों द्वारा गृह संपर्क कर पालकों व अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 9, 10 एवं 11 सितंबर को बेसलाइन टेस्ट में शत प्रतिशत विद्यार्थियों को शामिल करवाने का प्रयास किया जा रहा है। डीपीसी ने बताया कि जिला शिक्षा केन्द्र सहित जनपद शिक्षा केन्द्र के अमले द्वारा स्कूलों की सतत मॉनीटरिंग कर शिक्षक- छात्र उपस्थिति, विद्यालय संचालन- अध्यापन व्यवस्था एवं कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करने का जायजा लिया जा रहा है।