साध्वी श्री सोहनकंुवरजी मसा की पुण्यतिथी पर 25 श्रावक श्राविकाओं ने किये आयम्बिलए

महावीर अग्रवाल
मंदसौर १९ सितम्बर ;अभी तक;  रविवार को नई आबादी शास्त्री काॅलोनी स्थित जैन दिवाकर स्वाघ्याय भवन में साध्वी श्री सोहनकंुवरजी मसा की पुण्यतिथी के अवसर पर गुणानुवाद सभा का आयोजन हुआ ।
            साध्वी डाॅ दिव्यप्रभाजी मसा आदिठाणा 4 की पावन प्रेरणा व निश्रा में साध्वी सोहनकंुवरजी मसा की पुण्यतिथी मनायी गयी। साध्वी डाॅ दिव्यप्रभाजी  श्री निरूपमाजी मसाए श्री सौम्याजी मसाए श्री आयार्जी मसा ने साध्वी श्री सोहनकंुवरजी  के जीवन पर अपनी ओजस्वी वाणी में व्याख्यान देकर धमार्लुजनो को उनके तपमय व त्यागमय जीवन से परिचित कराया धमर्सभा के उपरांत लगभग 250 श्रावक श्राविकाओ ने सामूहिक रूप से आयम्बिल करने का धमर्लाभ लिया। आयम्बिल कराने का धमर्लाभ शांतिलाल जी शोभगमल अशोक जैन लावरी परिवार ने लिया। इसी परिवार की ओर आयम्बिल के लिये रखे गये लक्की ड्रा के पुरस्कार देने का लाभ लिया भाग्शली श्रावक श्राविकाओ ने 7 चांद के सिक्के प्रदान किये जायेगे। धमर्सभा के उपरांत अजय कुमार संजय कुमार दुग्गड परिवार की ओर से प्रभावना वितरित की गई।
              साध्वी डाॅ दिव्यप्रभाजी ने कहा कि साध्वी श्री सोहनकंुवरजी मसा का पुरा जीवन सभी श्रावक श्राविकाओ साधु साध्वी के लिये प्रेरणादायी है। उन्होने मात्र 9 वषर् की आयु में जैन भगवती दिक्षा लेकर अपना जीवन संयम के पथ पर अग्रसर किया।उनके साथ उनके पुरे परिवार माता एवं दो भाईयो की भी दिक्षा अलग अलग समय पर हुई संयम लने के बाद उन्होने जैन शास्त्रो का अध्ययन किया तथा अपने जीवन में कई तप तपस्याये की। कई मासखमण अठायी तेले की तपस्याये की । उन्होने एक उपवास से लेकर 33 उपवास तक की तपस्याये कर अपने जीवन को तपमय बना दिया। उन्होने सभी प्रकार की आसक।