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    अब पशुपतिनाथ मंदिर के सामने २८ हजार फीट की भोजन शाला, मंदिर के सामने भोजनालय बनाने की अनुमति दे डाली टीएनसी विभाग ने  

    महावीर अग्रवाल
    मंदसौर २७ फरवरी ;अभी तक ;   नियमों का हवाला देकर एक और केन्द्र और राज्य शासन के करोडों रूपये लगाकर मंदसौर में बनाया गया मेडिकल कॉलेज की परमिशन निरस्त करने वाला नीमच का टीएनसी विभाग ने सारे नियमो को खुटी पर टांग कर भगवान पशुपतिनाथ लोक के भविष्य के साथ बडी खिलवाड कर दी है । जन जन की आस्था का केन्द्र भगवान पशुपतिनाथ का मंदिर विश्व विख्यात है ।
                                         म.प्र. शासन ने इसे धार्मिक नगरी घोषित कर रखा है और प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंदसौर में शराब बंदी की घोषणा भी कर दी है । भगवान पशुपतिनाथ के मंदिर प्रांगण में करोडो रूपये की लागत लगाकर भगवान पशुपतिनाथ लोक का निर्माण किया जा रहा है । प्रथम चरण के निर्माण कार्य पूरे भी हो चुके है । पशुपतिनाथ लोक में आ रही रूकावटो को एक एक करके जहा एक और प्रशासन पूरी निष्ठा के साथ दूर कर रहा है वही टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग विभाग प्रशासन और शासन के मंसूबो पर पानी फैरने में लग गया है । भगवान पशुपतिनाथ के क्षेत्र में मेला मैदान के लिए म.प्र. शासन के राजपत्र में रिर्जव सुपरग्रीन एरिये में टीएनसी विभाग ने एक व्यक्ति को २८ हजार स्कवायर फीट भोजन शाला बनाने की अनुमति दे दी है और रातोरात भोजन शाला की आड में यहा पर दुकान निर्माण का कार्य भी शुरू हो गया है । टीएनसी विभाग ने यह अनुमति कैसे जारी कर दी है इसकी जांच होना चाहिए ।
                                      मंदसौर में भगवान पशुपतिनाथ लोक का विस्तार भविष्य में होना तय है । टीएनसी विभाग ने अपने खारिज हो चुके मास्टर प्लान में इस एरियें को २ किलोमीटर में सुपरग्रीन कर रखा है । सुपरग्रीन का मतलब होता है कि इस क्षेत्र में कोई भी निर्माण की मंजूरी नही दी जाए । २००२ में बना २०११ का मास्टर प्लान वर्तमान मेें अस्तिव में है । २०११ के मास्टर प्लान में भी यह एरिया सुपरग्रीन होकर स्पष्ट रूप से सुपरग्रीन होकर नक्षे पर ही मैला ग्राउण्ड का हिस्सा है । मैला ग्राउण्ड में भोजनालय की परमिशन दो पांच हजार स्कवायर फीट यदि दिया जाता तो बात अलग थी लेकिन एक व्यक्ति पर २८ हजार फीट की भोजन शाला की अनुमति देने की मैहरबानी क्यो की गई है यह जिला प्रशासन के लिए जांच का विषय होना चाहिए । जिले की साफ सुथरा कार्य की धनी कलेक्टर अदिति गर्ग जहा एक और भू-माफियाओं के मंसूबो पर पानी फैर कर उनके कब्जे की करोडों रूपये की जमीन को शासन के कब्जे में दिलवा चुकी है ऐसी परिस्थिति में टीएनसी विभाग भू-माफियाओं के हाथो की कठपुतली बनकर खैल रहा है । भगवान पशुपतिनाथ का मंदिर पूरे विश्व  की बडी धरोहर है । सिहस्थ मेले को लेकर जहा एक और म.प्र. शासन ने बडी तैयारी शुरू कर दी है वही मंदसौर में भी भगवान पशुपतिनाथ का मंदिर सिंहस्थ मेले के दौरान धार्मिक आस्था का बडा सेन्टर होता है । पूरे भारत वर्ष के लोग जहां उज्जैन में सिंहस्थ मेले में जाते है उनमें से अधिकांश लोग बाबा पशुपतिनाथ के दर्शन करने के लिए मंदसौर भी आते है । इसके अलावा हर वर्ष भगवान पशुपतिनाथ का मेला भी मंदसौर के इसी मेला ग्राउण्ड में लगता है ।
    इस तरह की अनुमतियां यदि टीएनसी विभाग देना शुरू करेगा तो हर वर्ष लगने वाला भगवान पशुपतिनाथ का मेला कहा लगेगा यह यक्ष प्रश्र बना हुआ है । मंदसौर के भू-माफिया अब तक बडे बडे खेल भगवान को छोडकर करते आए है । लेकिन बुंलद होसले वाले भू-माफियाओं की नजर अब भगवान पशुपतिनाथ के पावन स्थल पर भी पडने लगी है ।

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