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    जीवन में सत्यता को स्वीकार किजिऐ जीवन उत्सव बन जाऐगा-बी.के. गिरीश 

    महावीर अग्रवाल
    मंदसौर ७ जून ;अभी तक ;   अध्यात्मिकता के पथ पर जीवन उत्सव के तहत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विघालय द्वारा पांच दिवसीय विशेष आयोजन का प्रारंभ स्थानिय कुषाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में शनिवार से हुआ जिसमें प्रख्यात मोटिवेषन स्पीकर ब्रह्माकुमार ईवी गिरीश भाई ने प्रथम दिन खुशी का विज्ञान विषय पर अपने विचार व्यक्त किऐ। शुभारंभ समारोह आत्म कल्याण भवन की संचालिका बीके उषा दीदी के सानिध्य में भाजपा के प्रदेष प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक यषपालसिंह सिसोदिया के मुख्य आतिथ्य तथा सुन्दरलाल पटवा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ राकेश कुमार एवं डॉ श्रीकांत के विशेष आतिथ्य में हुआ।
    मुख्य वक्ता बीके गिरीश भाई ने पहले दिन खुशी का विज्ञान विषय पर अपना मागदर्शन  दिया और कहा कि केवल विशेष प्रकार के वस्त्र पहन लेने मातृ से कोई व्यक्ति अध्यात्मिक नहीं हो सकता है। आदि काल से अब तक मानव जीवन ने जिस क्षेत्र में अपनी बुद्धि को लगाया है अपने ज्ञान से जो आविश्कार किए है उसका उद्देष्य सिर्फ मानव जीवन को आसान बनाना रहा है, अध्यात्मिकता और विज्ञान एक दूसरे के पूरक नहीं है। चिकित्सा विज्ञान का उद्देष्य ही जीवन को आसान बनाना रहा है, विज्ञान ने आवागमन के साधन बनाऐ इसका उद्देष्य भी जीवन को आसान बनाना हीं रहा है।
    आपने कहा कि विज्ञान ने मानव जीवन को आसान बना दिया है लेकिन व्यक्ति का अपने मन पर नियंत्रण नहीं है यहीं कारण व्यक्ति में दिव्य ष्षक्तियों की कमी हो गई हैं। वर्तमान दौर में व्यक्ति सहनषील नहीं है, समाने की षक्ति कम हुई है यहीं कारण है कि एक आठवी कक्षा का छोटा सा छात्र केवल इसलिए आत्महत्या कर लेता है कि क्योंकि उसकी माताजी ने उसकी डांट लगाई थी लेकिन आज से कुछ वषों पहले ऐसा नहीं था, माता-पिता पिटाई भी कर दे तो आत्महत्या क्या होती है इसका किसी को पता भी नहीं था।
    आपने कहा कि मानव जीवन अनिष्चतताओं का घेरा है, कल क्या होगा इसके लिए हम आषावादी हो सकते है लेकिन कोई गारंटी नहीं होगा। मानव जीवन में चिंताऐं भरी पड़ी है लेकिन क्या केवल चिंता करने से कल का दिन अच्छा हो जाऐगा। मृत्यु सत्य है श्री कृष्ण से लेकर गौतम बुद्ध से लेकर हर व्यक्ति ने अपना षरीर छोडा है लेकिन मनुष्य मृत्यु को सोचकर दुःखी होता है। अध्यात्मिकता की षुरूआत होती है सत्यता से इसे स्वीकार किजिऐ जीवन आसान हो जाऐगा, सत्य स्वीकार करेंगे तो मन का डर समाप्त हो जाऐगा और जीवन उत्सव बन जाऐगा।
    षुभारंभ समारोंह को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेष प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक यषपालसिंह सिसोदिया ने कहा कि तन, मन के साथ समाज को देने का काम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईष्वरीय विष्वविघालय कर रहा है। जीवन को मूल्यों पर आधारित कैसे जियां जाऐ इसका प्र्रषिक्षण पांच दिवसीय कार्यषाला में मिलेगा यह मंदसौर के लिए गौरव के क्षण है जब अनेक स्थानों पर जीवन मूल्यों पर आधारित मार्गदर्षन देने वाले प्रख्यात वक्ता बीके गिरीष भाई का मंदसौर आगमन हुआ है। आपने कहा कि आज कई व्यक्ति तनाव ग्रस्त है, छोटी-छोटी बाते तनाव बढा देती है क्योंकि व्यक्ति का अपने पर नियंत्रण नहीं हैं। मै जब विधायक की भूमिका में था और मप्र की विधानसभा में प्रष्न लगाने का अवसर मिला था तब पुलिस विभाग को लेकर प्रष्न किया था कि तनाव के कारण कितने पुलिसकर्मी अस्वस्थ हुए है या उनकी मृत्यु हुई है तो आंकडे चौकाने वाले आऐ थे इसके बाद प्रदेष सरकार ने पुलिस विभाग के लिए तनाव मुक्त जीवन षैली को लेकर कई नवाचार किऐ।
    श्री सिसोदिया ने कहा कि आज वास्तव में ऐसे मागदर्षन की समाज को आवष्यकता है जिसमें यह जाना जा सके कि तनाव मुक्त रहकर कैसे काम किया जा सकता हैं। इसकों लेकर बीके गिरिष भाई का मार्गदर्षन मंदसौर वासियों के लिए अहम होंगा।
    सुन्दरलाल पटवा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ राकेष कुमार ने कहा कि षरीर के कई विकास ब्रह्माकुमारी में आने और यहां की ऊर्जा से ही स्वतः बिना किसी दवाई, बिना किसी चिकित्सक के ही ठीक हो जाते है यह मैने अनुभव किया है।
    प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन आत्म कल्याण भवन की संचालिका बीके उषा ने दिया और कहा कि पांच दिवसीय कार्यषाला जीवन में बदलाव लाऐगी इसलिए प्रत्येक व्यक्ति अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यषाल का लाभ प्राप्त करें।
    अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर पांच दिवसीय कार्यषाला का षुभारंभ किया, इससे पूर्व ब्रह्माकुमारी बहनों ने बेच लगाकर अतिथियों का स्वागत किया। समारोह का संचालन बीके हेमलता दीदी ने किया।

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