आशुतोष पुरोहित
खरगोन 9 जुलाई ;अभी तक ; खरगोन में आज यूरिया खाद की मांग को लेकर किसानो ने सुबह साढे 11 बजे से करीब 3 बजे तक बिस्टान रोड पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम में बडी संख्या में महिलाए भी शामिल है। किसान करीब 50 से 60 किलोमीटर दूर से परिवार सहित खाद लेने पहुंचे है। यूरिया खाद नही मिलने से किसानो का आक्रोश फूट गया। आक्रोशित किसानो ने चित्तोढगढ भुसावल राष्ट्रीय राजमार्ग पर सडक पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची, समझाइस भी दी लेकिन किसान खाद के लिये अड गये।

करीब एक हफ्ते से खाद की संकट से जूझ रहे किसानो में जमकर आक्रोश देखा गया। विशेष रूप से दूरस्थ आदिवासी अंचल के किसानो ने चित्तोढगढ भुसावल राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया।प्रशासन किसानो को लगातार समझाइस दे रहा है लेकिन किसान यूरिया खाद नही मिलने तक चक्काजाम करते रहे।
एसडीएम बीएस कलेश सहित कृषि, जिला सहकारी बैक प्रशासन के जबाबदार लगातार किसानो को समझा कर सनावद से ट्रक बुलाकर एक एक बोरी खाद आज देने और बाकी यूरिया खाद 13 जुलाई को देने के बाद किसानो ने चक्काजाम समाप्त किया।
आदिवासी किसान सिलदार हलके निवासी जूना बिल्वा गांव का कहना था की यूरिया खाद नही मिलने से फसल दम तोड रही है। प्रशासन यूरिया खाद किसानो को उपलब्ध नही करा पा रहा है। तीन दिन से रोज आ रहे है, रात से लाईन में लगे है लेकिन खाद नही मिल रहा है। महिला किसान सुनिता अनोने निवासी माडवा भट्टी ने बताया की यूरिया खाद को लेकर किसान परेशान है। पूरा परिवार के लाईन में लगने के बाद खाद नही मिला। यूरिया खाद फसल को नही देगे तो फसल कैसे होगी। शासन प्रशासन किसानो को यूरिया खाद नही दिला पा रहा है।
मौके पर पहुंचे एसडीएम बीएस कलेश ने बताया की यूरिया खाद की कुछ कमी है। किसानो ने चक्काजाम कर दिया था। वैकल्पिक व्यवस्था कर एक एक बोरी सनावद से यूरिया बुलाकर दी है। 13 जुलाई को किसानो को और यूरिया खाद देने का आश्वासन दिया गया। मांग आपूर्ति में अंतर के चलते दिक्कत है। प्रशासन किसानो के साथ है। अधिक से अधिक यूरिया खाद खरगोन जिले में बुलाने और वरिष्ठ अधिकारीयो से सम्पर्क करने के कृषि और सम्बन्धित विभागो के अधिकारीयो को कलेक्टर महोदय ने निर्देश दिये है।
उप संचालक कृषि एस एस राजपूत ने बताया की मांग आपूर्ति में अंतर के चलते दिक्कत आ रही है। एसडीएम साहब और मैने किसानो के साथ खूद सडक पर नीचे बैठ कर समझाइस किसानो को दी। कलेक्टर भव्या मित्तल जी के प्रयास से अधिक से अधिक यूरिया खाद खरगोन जिले को मिले प्रयास किये जा रहे है।


