कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जिला विधिक सहायता अधिकारी सुश्री अपर्णा लोधी ने डाईट के छात्राध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय की सबसे ज्वलंत समस्या नशा है। इसी नशे के कारण परिवार बर्बाद हो रहे है और युवावर्ग भटक रहा है। सफल एवं सुरक्षित जीवन के लिये यह परम आवश्यक है कि युवा वर्ग नशे से दूर रहे। सुश्री लोधी ने आगे बताया कि अन्य नशों के साथ-साथ मोबाईल का नशा भी युवा वर्ग के लिये घातक है। आपने छात्राध्यापकों से आग्रह किया कि अपने आसपास के क्षेत्र में भी जो लोग नशा कर रहे है उन्हे मित्रवत सलाह देते हुए नशा छुड़वाने का प्रयास करे।
डाईट के प्राचार्य श्री दिलीपसिंह राठौर ने स्वागत भाशण दिया एवं कहा कि इस प्रकार के आयोजन निश्चित रूप से युवाओं में प्रेरणा का कार्य करेंगे। शिविर को डाईट के व्याख्याता रामदयाल जोशी ने संबोधित करते हुए नशे को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती बताया। असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल सुश्री डॉली मक्कड़ ने अपने उद्बोधन में नशे के कारण होने वाले दुश्प्रभावों पर प्रकाश डाला। जिला विधिक सहायता अधिकारी सुश्री अपर्णा लोधी ने छात्राध्यापकों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई, पैरालीगल वालेंटियर श्रीमती सीमा नागर ने नशा मुक्ति शिविर का महत्व बताया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री सुनील कुमार बड़ोदिया लीगल एड डिफेंस काउंसल ने किया
उपरोक्त कार्यक्रम में डाईट के छात्राध्यापक एवं व्याख्यातागण रामेश्वर डांगी एवं अन्य उपस्थित रहे।


