मयंक शर्मा
खंडवा २ मार्च ;अभी तक ; लोकायुक्त निरीक्षक राहुल गजभिये ने बुरहानपुर जिला चिकित्सालय में पदस्थ लिपिक राधेश्याम चैहान को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
निरिक्षक ने बताया कि चिकित्सलय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ अशोक पठारे ने रिश्वत मांग की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए लिपिक राधेश्याम चैहान 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाया गया, जिसके बाद लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर दविश टीम गठित कर बुरहानपुर िभेजी गई। वहां लिपिक राधेश्याम चैहान को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते शनिवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अस्पताल में पदस्थ लिपिक राधेश्याम चैहाने अपने ही सहकर्मी से मेडिक्लेम बिल के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायतकर्ता अशोक पठारे ने बताया कि उनके मेडिक्लेम बिल के भुगतान के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। बाद में 15 हजार रुपये में सेटलमेंट तय हुआ, जिसमें से पहले 5 हजार रुपये दिए जा चुके थे। दूसरी किश्त 10 हजार रुपये देने के दौरान लोकायुक्त ने लिपिक राधेश्याम चैहान को रंगे हाथों पकड़ लिया।
श्री पठारे ने बताया कि उनके हार्ट का इलाज इंदौर के एक अस्पताल में हुआ था, जिसके मेडिकल बिल का सेटलमेंट करीब 1 लाख 75 हजार रुपये का था। इसमें से 1 लाख 30 हजार रुपये निकाल दिए गए थे। इसके बाद जिला अस्पताल के लेखपाल राधेश्याम चैहान ने 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की ।


