गौशाला संचालक अपने क्षेत्र की सड़कों से हटायंगे गौवंश, गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनायें-कलेक्टर

पन्ना से दिलीप शर्मा (दीपक
पन्ना  ४ सितम्बर ;अभी तक; कलेक्टर श्री संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता में जिला गौपालन एवं पशु धन संवर्धन बोर्ड तथा जिला पशु कल्याण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक गौशाला संचालक अपने क्षेत्र की सड़कों पर गौवंश को नही रहने देंगे। यदि गौवंश सड़कों पर बैठता है तो उसे हटायेंगे।
             कलेक्टर श्री मिश्र ने निर्देश दिये कि गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनायंे। गौशाला में होने वाले कार्यो के लिये जनभागीदारी मद से प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करें। गौशाला में गौवंश पालन के लिये अधिक से अधिक जनसहयोग प्राप्त करें। किन्तु पूरी पारदर्शिता रखी  जाये।
                बैठक में बताया गया कि वर्तमान में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 20 गौशालायें संचालित हैं। इनमें 05 गौशालायें स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा चलाई जा रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री गौशाला योजना अंतर्गत 16 गौशालायें संचालित है। इन गौशालाओं को मुख्यमंत्री गौ सेवा योजना के अंतर्गत चारा भूसा के लिये अनुदान दिया जाता है। जिले को अनुदान वितरण के लिये 47.62 लाख रूपये की राशि प्राप्त हुई थी। इस राशि में अशासकीय स्वयं सेवी संस्थाओं को वर्ष 2020 में 22.12 लाख रूपये की राशि पॉच गौशालाओं को दिया जाना प्रस्तावित है। इन गौशालाओं में 3687 गौवंश है। अनुदान राशि प्रति गौवश्ंा प्रतिदिन 20 रूपये के मान से दिया जाता है। मुख्यमंत्री गौशाला योजना अंतर्गत 16 गौशालायें संचालित है। इनमें 1401 गौवंश रखा गया है। इन गौशालाओं को माह अप्रैल 21 से जून 21 तक 25.50 लाख रूपये की राशि वितरीत किया जाना है।
            बैठक में कलेक्टर श्री मिश्र ने निर्देश दिये कि गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये दुग्ध उत्पादन, गोबर से जैविक खाद्य बनाने के साथ गौ मूत्र से कीटनाशक तैयार कर विक्रय करें। जिससे गौशालाओं को आर्थिक लाभ हो सके। इसके अलावा गौवंश पालन के लिये दानदाताओं से राशि प्राप्त करें। गौशालाओं केा प्राप्त होने वाली राशि का पूरा लेखा जोखा तैयार कर सूचना पटल पर प्रदर्शित किया जाये। जिससे किसी तरह की संका उत्पन्न ना हो शासन द्वारा नियमानुसार जो भी अनुदान राशि दी जाती है। वह गौशालाओं को दी जायेगी।
             कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिये कि गौवंश के स्वास्थ्य का समय-समय पर परीक्षण करने के साथ उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये नियमित रूप से एक पशु चिकित्सक रखा जाये। गौसदन में आने वाले गौवंश की सम्पूर्ण जानकारी संधारित की जाये। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित गौशालाओं के संबंध में निर्देश दिये कि भूमि आवंटन एवं अन्य कार्यो से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित करें। नियमानुसार हर संभव सहयोग दिया जायेगा। सम्पन्न हुई बैठक में उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें डॉ0 पटेल एवं विभाग के अन्य अधिकारीगण, गौशाला संचालक उपस्थित रहे।