श्री नित्य चिंताहरण गणपति जी मंदिर पैलेस में 10 दिवसीय श्री गणेश उत्सव सादगी से मनाया जा रहा

7:15 pm or September 11, 2021
श्री नित्य चिंताहरण गणपति जी मंदिर पैलेस रोड रतलाम की स्थापना रतलाम राजमहल का जब निर्माण हुआ था तब उसकी दीवारों में एक ओटले के रूप में रतलाम महाराज श्री द्वारा स्थापित कराया गया था राज महल का निर्माण करीब 250 वर्ष पूर्व हुआ था, राजमहल की दिवाल के साथ दो गणपति जी की स्थापना हुई थी पूर्व में सूरजपोल पर श्री सूरजमुखी गणपति जी एवं पश्चिम में श्री नित्य चिंताहरण गणपति जी मंदिर राज महल की स्थापना से लेकर सन 1980 तक यह मूर्ति राजमहल के दीवाल में एक ओटले के रूप में ही विराजित थी सन 1980 में मोहल्ले के नागरिकों जिसमें सर्व श्री नरेंद्र जी व्यास, श्री मनोहर लाल जी नांगल, श्री सोहन सिंह जी राजपूत, श्री तेज सिंह जी राजपूत, श्री जमुना लाल जी ब्राह्मण, श्री रमाकांत जी, श्री राजेंद्र भंडारी जी, श्री देवीलाल परमार जी श्री विमल कुमार जी महाजन श्री मोहनलाल जी चौहान द्वारा श्री गणेश सत्संग मंडल के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया गया था ट्रस्ट के गठन के बाद में धीरे-धीरे यहां एक छोटे से मंदिर का निर्माण हुआ जैसे जैसे भक्तों की आस्था बढ़ती गई, उनके कार्य होते गये वैसे-वैसे मंदिर के अंदर भी निर्माण होता गया वर्ष 2008 में ट्रस्ट का पूर्ण गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष श्री जनक नागल, कार्याध्यक्ष श्री हिमांशु अवस्थी, उपाध्यक्ष श्री मेरु परमार, सचिव श्री नरेंद्र सिंह खंगारोत, सह सचिव श्री प्रशांत व्यास एवं श्री सचिन देवड़ा जी, एवं श्री भूपेंद्र जी व्यास, श्री जगदीश जी मेहता श्री संजय जी पवार एवं श्री महेश चौहान द्वारा पूर्ण गठन किया गया वर्तमान में अभी जो मंदिर है वह सन 2008 के बाद ट्रस्ट अध्यक्ष बने श्री जनक नागल श्री हिमांशु अवस्थी एवं श्री नरेंद्र जी व्यास, श्री नरेंद्र सिंह जी खंगारोत, श्री सचिन सिंह जी देवड़ा, श्री महेश चौहान आदि के अथक प्रयासों का परिणाम है वर्तमान में ट्रस्ट के अंदर 11 सदस्य हैं जिसमें अध्यक्ष श्री जनक नागल, कार्य. अध्यक्ष श्री नरेंद्र व्यास उपाध्यक्ष श्री सचिन सिंह देवड़ा, सचिव श्री नरेंद्र सिंह जी खंगारोत सहसचिव श्री प्रशांत व्यास, सह सचिव श्रीमती रत्ना पाल कोषाध्यक्ष श्री राहुल शर्मा एवं कार्यकारिणी में श्री प्रदीप जी उपाध्याय, श्रीमती सुमन नागल, श्री मुकेश जी त्रिवेदी एवं श्रीमती सारिका दवे है मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा आगामी समय में शीघ्र ही मंदिर में ग्रेनाइट एवं मार्बल लगाने एवं भगवान श्री के लिए करीब 25 किलो चांदी का सिंहासन बनवाया जाना है *इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते शासन प्रशासन के द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 10 दिवसीय श्री गणेश उत्सव सादगी से मनाया जा रहा है उसके तहत गणपति मंदिर पर इस बार अंदर और बाहर बहुत ही भव्य रूप से लाइट का डेकोरेशन किया गया है भगवान श्री गणेश जी को स्वर्ण बरक का चोला चढ़ाया गया है आज दोपहर 12:00 बजे भगवान श्री की आरती कर प्रतीकात्मक रूप से श्री गणेश जी की स्थापना की गई प्रतिदिन शाम को 7:30 बजे आरती का आयोजन किया जाएगा। आज के मुख्य अतिथि भाजपा जिला महामंत्री प्रदीप उपाध्याय रहे। शासन प्रशासन के निर्देश अनुसार एवं कोरोना की तीसरी लहर के अंदेशे के चलते हुए मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा इस बार गणेश स्थापना पर 11,111 लड्डुओं का वितरण नहीं किया जा रहा है, साथ ही प्रतिदिन संध्या आरती के पश्चात महा प्रसादी जो करीब चार से पांच हजार भक्तों के हिसाब से जिसमें एक मिठाई और एक नमकीन होता है उसे भी निरस्त रखा गया है साथ ही बुधवार को 11,111 दीपक की महाआरती की जाती थी उसे भी निरस्त किया गया है
अरुण त्रिपाठी
रतलाम ११ सितम्बर ;अभी तक; श्री नित्य चिंताहरण गणपति जी मंदिर पैलेस रोड रतलाम की स्थापना रतलाम राजमहल का जब निर्माण हुआ था तब उसकी दीवारों  में एक ओटले के रूप में रतलाम महाराज श्री द्वारा स्थापित कराया गया था
राज महल का निर्माण करीब 250 वर्ष पूर्व हुआ था, राजमहल की दिवाल के साथ दो गणपति जी की स्थापना हुई थी पूर्व में सूरजपोल पर श्री सूरजमुखी गणपति जी एवं पश्चिम में श्री नित्य चिंताहरण गणपति जी मंदिर
राज महल की स्थापना से लेकर सन 1980 तक यह मूर्ति राजमहल के दीवाल में एक ओटले के रूप में ही विराजित थी सन 1980 में मोहल्ले के नागरिकों जिसमें सर्व श्री नरेंद्र जी व्यास, श्री मनोहर लाल जी नांगल, श्री सोहन सिंह जी राजपूत, श्री तेज सिंह जी राजपूत, श्री जमुना लाल जी ब्राह्मण, श्री रमाकांत जी, श्री राजेंद्र भंडारी जी, श्री देवीलाल परमार जी श्री विमल कुमार जी महाजन श्री मोहनलाल जी चौहान  द्वारा श्री गणेश सत्संग मंडल के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया गया था
ट्रस्ट के गठन के बाद में धीरे-धीरे यहां एक छोटे से मंदिर का निर्माण हुआ जैसे जैसे भक्तों की आस्था बढ़ती गई, उनके कार्य होते गये वैसे-वैसे मंदिर के अंदर भी निर्माण होता गया
वर्ष 2008 में ट्रस्ट का पूर्ण गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष श्री जनक नागल, कार्याध्यक्ष श्री हिमांशु अवस्थी, उपाध्यक्ष श्री मेरु परमार, सचिव श्री नरेंद्र सिंह खंगारोत, सह सचिव श्री प्रशांत व्यास एवं श्री सचिन देवड़ा जी, एवं श्री भूपेंद्र जी व्यास, श्री जगदीश जी मेहता श्री संजय जी पवार एवं श्री महेश चौहान द्वारा पूर्ण गठन किया गया
वर्तमान में अभी जो मंदिर है वह  सन 2008 के बाद ट्रस्ट अध्यक्ष बने श्री जनक नागल श्री हिमांशु अवस्थी एवं श्री नरेंद्र जी व्यास, श्री नरेंद्र सिंह जी खंगारोत, श्री सचिन सिंह जी देवड़ा, श्री महेश चौहान आदि के अथक प्रयासों का परिणाम है
वर्तमान में ट्रस्ट के अंदर 11 सदस्य हैं जिसमें अध्यक्ष श्री जनक नागल, कार्य. अध्यक्ष श्री नरेंद्र व्यास उपाध्यक्ष श्री सचिन सिंह देवड़ा, सचिव श्री नरेंद्र सिंह जी खंगारोत  सहसचिव श्री प्रशांत व्यास, सह सचिव श्रीमती रत्ना पाल कोषाध्यक्ष श्री राहुल शर्मा एवं कार्यकारिणी में श्री प्रदीप जी उपाध्याय, श्रीमती सुमन नागल, श्री मुकेश जी त्रिवेदी एवं श्रीमती सारिका दवे है
मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा आगामी समय में शीघ्र ही मंदिर में ग्रेनाइट एवं मार्बल लगाने एवं भगवान श्री के लिए करीब 25 किलो चांदी का सिंहासन बनवाया जाना है
*इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते शासन प्रशासन के द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 10 दिवसीय श्री गणेश उत्सव सादगी से मनाया जा रहा है उसके तहत गणपति मंदिर पर इस बार अंदर और बाहर बहुत ही भव्य रूप से लाइट का डेकोरेशन किया गया है भगवान श्री गणेश जी को स्वर्ण बरक का चोला चढ़ाया गया है आज दोपहर 12:00 बजे भगवान श्री की आरती कर प्रतीकात्मक रूप से श्री गणेश जी की स्थापना की गई प्रतिदिन शाम को 7:30 बजे आरती का आयोजन किया जाएगा। आज के मुख्य अतिथि   भाजपा जिला महामंत्री प्रदीप उपाध्याय रहे।
शासन प्रशासन के निर्देश अनुसार एवं कोरोना की तीसरी लहर के अंदेशे के चलते हुए मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा इस बार गणेश स्थापना पर 11,111 लड्डुओं का वितरण नहीं किया जा रहा है, साथ ही प्रतिदिन संध्या आरती के पश्चात महा प्रसादी जो करीब चार से पांच हजार भक्तों के हिसाब से जिसमें एक मिठाई और एक नमकीन होता है उसे भी निरस्त रखा गया है साथ ही बुधवार को 11,111 दीपक की महाआरती की जाती थी उसे भी निरस्त किया गया है