महावीर अग्रवाल
मन्दसौर १५ मई ;अभी तक ; म.प्र. शिक्षक संघ का अभ्यास वर्ग माँ नर्मदा मैया के पावन उदगम् स्थल अमरकंटक में श्री कल्याण सेवा आश्रम पर संपन्न हुआ। यह स्थान अपने आध्यात्मिक मूल्यों और प्राकृतिक सुंदरता के लिये जाना जाता है।
अमरकंटक का धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा है क्योंकि यहाँ से पवित्र नदी माँ नर्मदा निकलती है, जिसे भगवान शिव का आशीर्वाद माना जाता है। परम श्रद्धेय रह महेंद्र कपूर अखिल भारतीय राष्ट्रीय संगठन मंत्री, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ आपने बताया मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की 55 साल की अनवरत यात्रा है यह यात्रा संघ परंपरा के अनुकूल कार्यकर्ता की अपनी कार्यकुशलता का परिचायक है । आचार्य है आचरण से सीखने का काम।
किंचित मात्र भी बिना भय के निरंतर आगे बढ़ जाना चाहिए। हमारा ध्येय भारत माता की जय है शिक्षक संघ का कार्य है शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन करना। हमें राष्ट्रसर्वाेपरि की बात करना, समाज में हमारे प्रति एक अनुराग है शिक्षक का जीवन सर्वोपरि है। अपने कैंपस में जो भी बच्चे आते हैं बच्चों को जो भी कठिनाई हो उसको हल करना मेरा कर्तव्य है। मैं समाज को क्या दे सकता हूं समाज को योग्य सामर्थ्य बनाने की मेरी जवाबदारी है। इच्छाएं लेकर चलने वाला व्यक्ति शिक्षक नहीं है। हमें अपने स्वभाव और व्यवहार से कार्यकुशल एवं योग्य शिक्षक बनना है। यदि 20 साल से किसी शिक्षक ने पढ़ाया नहीं वह शिक्षक बनने के लायक नहीं है। हम समाज के 144 करोड़ लोगों के उत्थान में लगे हैं। शिक्षक संधि करने वाला नहीं जो दायित्व मिला है अच्छे ढंग से निर्वहन करने वाला होना चाहिए। शिक्षक को नैतिकता, सामर्थता और इच्छा शक्ति के साथ काम करना चाहिए। बच्चों को अच्छा बनाना है समाज हमें रिप्लाई करता है समाज हमें हमारे व्यवहार से पहचाने। एक प्रकल्प मेरे मन में शिक्षकत्व है मेरी क्लास सबसे अच्छी मेरे शिक्षक सबसे अच्छे।
लोकमाता अहिल्याबाई का नेतृत्व, कुशल शिक्षक होने पर गर्व महसूस करना अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करना। हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ इस मंदिर का पुजारी कौन, पुजारी तो आप सभी हैं अद्भुत ऊर्जा का संचार मेरा विद्यालय सबसे अच्छा, संस्कार स्थल, ज्ञान के लिए प्रवेश करने वाले बच्चे, शिक्षक एक समाधान है हमारा पुस्तकालय एक समृद्ध पुस्तकालय, विद्यालय एक मंदिर है। इसकी चिंता करना है पेट पालन के लिए अध्यापक की सेवा दे रहा है तो वह चिंतनीय है आपका पसीना आहुति देने वाला होना चाहिये। वृक्षारोपण एक-एक बालक करना है जैसे पीपल।
विद्यालय में वृक्षारोपण की सोच विकसित हो। बच्चों में श्रम का अनुभव कराना है मेरा संस्थान सबसे अच्छा कैसे हो उसका चिंतन करना है। डस्टबिन का उपयोग करना है। विद्यालय को सुंदर बनाने के लिए भव्य बनाने के लिए समाज का सहयोग लेना है। हमें बच्चों को कोटा भेजने की आवश्यकता नहीं है आप स्वयं पढ़ाने वाले है और आपसे ज्यादा योग्य कौन हो सकता है कोटा में शिक्षा के नाम पर केवल बिजनेस चल रहा है। अध्यापक से हम बच्चों के गार्जियन बन सकते हैं बच्चों को योग्य व सही दिशा देना है 85ः बच्चे ग्रामीण क्षेत्र से आईएस बनते है। बच्चों की रुचि, आवश्यकता का ध्यान रखना है क्षेत्र का चयन करने में टीचर पेरेंट्स मीटिंग विद्यालय, विद्यालय वातावरण बदलना, बच्चों में योग्यता प्रकट करना, बाल सभा करना।
मोहन पुरोहित राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ आपने कहा मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के आधार स्तम्भ उसके कार्यकर्ता है।
शिक्षक हित, शिक्षार्थी हित ओर राष्ट्रीय हित हमारा उद्देश्य है। अभ्यास जरुरी है अनुभव बहुत बड़ी चीज है अनुभव के लिए ही अभ्यास की आवश्यकता है। छोटी से छोटी बात का भी हमें अभ्यास करना है।
राष्ट्रीय हित सर्वाेपरि है यदि शिक्षकों के हितों में सरकार नहीं है तो सरकार से भी हम लड़ सकते है।
आपने बताया समर्पित कार्यकर्ता वह है जो संगठन को सर्वाेपरि मानता है। संगठन समुद्र है, व्यक्ति उसमें से एक लोठे पानी निकालने के समान है यदि समुद्र से एक लोठा पानी निकाल लेने से समुद्र के कोई फर्क नहीं पड़ता उसी प्रकार यदि कोई कार्यकर्ता यह समझता है की मैं संगठन से ऊपर हूँ तो वह इस समुद्र से निकाले गए एक लौठे पानी के समान है ऐसे कार्यकर्ता की संगठन को आवश्यकता नहीं है।
हर प्रतिकूलता और अनुकूलता बनाने वाला हमारा कार्यकर्ता होना चाहिए।
आपने कहा एक आदर्श कार्यकर्ता के लिये करने की शक्ति का विकास, जानने की शक्ति का विकास और मानने की शक्ति का विकास होना चाहिए।
संघर्ष नहीं, संकल्पनारत होकर, दृढ़ इच्छा शक्ति से कार्य करें।
दृढ़ संकल्पित रहे कार्य विस्तार के लिए।
हमारे द्वारा परिवार की चिंता की जाती है उसी तरह संगठन की भी चिंता करूंगा। यह संकल्प प्रत्येक कार्यकर्ता को लेना होगा।
कार्यकर्ता सिद्ध व रीति – नीति से हो, संगठन का हर कार्यकर्ता तन से सैनिक और मन से सन्यासी हो।
कार्यकर्ता की क्षमता, दृढ़ इच्छा शक्ति, संगठन हित में बुद्धि का विकास, बुद्धि का उपयोग आदि गुणों को एक कार्यकर्ता में परिलक्षित करना होता है। कैसे अधिकारियों को समझाना, मंत्रियों को समझाना आदि के लिए एक कार्यकर्ता को तैयार करना होता है।
एक आदर्श कार्यकर्ता वह कार्यकर्ता होता है जिस पर ईश्वर की कृपा, सद्गुरु की कृपा, साहित्य की कृपा और खुद की खुद पर कृपा भी हो।
हिम्मत सिंह जैन प्रांतीय संगठन मंत्री, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने कार्यकर्ता में दायित्व का बोध होना विषय पर आपने पाथेय दिया मध्य प्रदेश शिक्षा संघ के दायित्व एवं कार्यकर्ताओं को नेतृत्व एवं प्रखर प्रदान करने के लिए वर्ग का आयोजन किया जा रहा है हम गुरु के दायित्व का निर्वहन करने के साथ भारत माता की सेवा का सुनहरा अवसर हमें प्राप्त हुआ है किसी विचारक ने कहा सत मत छोड़ो, ईमानदारी सर्वाेत्तम नीति है। सरल निष्कपट जो अपने वचन का पक्का है दुनिया उसके पीछे चलती है।
असफलताओं में हतोउत्साहित नहीं होना है। सफलता में शिखर पर पहुंचने के बाद मार्ग नहीं भटकना है।
चोर के पर कच्चे होते हैं इसका अर्थ है गलत करने वाले कमजोर होते हैं। सत्यनिष्ठ नैतिक ईमानदारी व्यक्ति भारत माता की सेवा कर पाएंगे। नेतृत्व गुण प्रकष्ट निवारक अनुकंपा, प्रमाणिकता – यथा राजा जैसी प्रजा।
कुशल नेतृत्व कर्ता बनने के लिए अनुशासित जीवन और स्पष्टता होना चाहिए। चाहे कितनी भी कठिनाई आए अनीति का हिस्सा नहीं बनना है।
जिम्मेदारी, उत्तेजना के अवसरों को क्षमता से ले, दूर दृष्टि, दिशा बोध, समयबद्धता, सामूहिक निर्णय पद्धति- सहभागिता लेने से,करने से, हर कार्यकर्ता में जिम्मेदारी का एहसास होगा। हम सब है ना, आलोचना करने की बजाय हमें हमारे कार्यकर्ता पर गर्व होना चाहिए।
नेतृत्व कर्ता – इस बात का जरूर ध्यान रखेंगे कि द्वितीय पंक्ति का निर्माण जरूर करें, प्रथम पंक्ति द्वितीय पंक्ति का निर्माण करें हमारे बाद कौन होगा उसका ध्यान जरूर रखें अभ्यास वर्ग की सफलता एक श्रेष्ठ कार्यकर्ता के एक श्रेष्ठ गुण से है। दायित्वबोध होना, श्रेष्ठ विचार संगठन को दीर्घकालिक बनाना है।
छत्रवीरसिंह राठौर प्रांताध्यक्ष, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ आपने समापन सत्र पर अध्यक्षीय उद्बोधन ने बताया कि ’प्रकृति की उत्तम कृति मनुष्य का शरीर है। हमें शिक्षकीय दायित्व पर गर्व है। चाणक्य शिक्षक ही था।
गुरुकुल में शिक्षा देने के लिये विश्वामित्र राम और लक्ष्मण को साथ ले जाने के लिए राजा दशरथ से गुरु वशिष्ठ ने सहमति लेकर अपने साथ भेजने का निर्णय लिया । गुरु का दायित्व सबसे ऊँचा है। आपने कहा मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रत्येक कार्यकर्ता में अविचल निष्ठा हो यह भाव संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता में होना चाहिए।
प्रांतीय महामंत्री राकेश गुप्ता ने कहा मध्य प्रदेश शिक्षक संघ का कार्यकर्ता ध्येय निष्ठ होता है ’हम सब भारतीय संस्कृति के निर्वाहक है।’इस अवसर पर मन्दसौर जिले से प्रांतीय मीडिया सह प्रमुख रामचंद्र मालवीय, जिला संगठन मंत्री मोतीलाल फरक्या, जिलाध्यक्ष विक्रम शर्मा, जिला सचिव भरतलाल पोपण्डिया, जिला कोषाध्यक्ष कांतिलाल राठौर, जिला सहसचिव मातृशक्ति बहने श्रीमती किरण खुराना ओर ज्योति जैन ने सहभागिता की।
अमरकंटक का धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा है क्योंकि यहाँ से पवित्र नदी माँ नर्मदा निकलती है, जिसे भगवान शिव का आशीर्वाद माना जाता है। परम श्रद्धेय रह महेंद्र कपूर अखिल भारतीय राष्ट्रीय संगठन मंत्री, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ आपने बताया मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की 55 साल की अनवरत यात्रा है यह यात्रा संघ परंपरा के अनुकूल कार्यकर्ता की अपनी कार्यकुशलता का परिचायक है । आचार्य है आचरण से सीखने का काम।
किंचित मात्र भी बिना भय के निरंतर आगे बढ़ जाना चाहिए। हमारा ध्येय भारत माता की जय है शिक्षक संघ का कार्य है शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन करना। हमें राष्ट्रसर्वाेपरि की बात करना, समाज में हमारे प्रति एक अनुराग है शिक्षक का जीवन सर्वोपरि है। अपने कैंपस में जो भी बच्चे आते हैं बच्चों को जो भी कठिनाई हो उसको हल करना मेरा कर्तव्य है। मैं समाज को क्या दे सकता हूं समाज को योग्य सामर्थ्य बनाने की मेरी जवाबदारी है। इच्छाएं लेकर चलने वाला व्यक्ति शिक्षक नहीं है। हमें अपने स्वभाव और व्यवहार से कार्यकुशल एवं योग्य शिक्षक बनना है। यदि 20 साल से किसी शिक्षक ने पढ़ाया नहीं वह शिक्षक बनने के लायक नहीं है। हम समाज के 144 करोड़ लोगों के उत्थान में लगे हैं। शिक्षक संधि करने वाला नहीं जो दायित्व मिला है अच्छे ढंग से निर्वहन करने वाला होना चाहिए। शिक्षक को नैतिकता, सामर्थता और इच्छा शक्ति के साथ काम करना चाहिए। बच्चों को अच्छा बनाना है समाज हमें रिप्लाई करता है समाज हमें हमारे व्यवहार से पहचाने। एक प्रकल्प मेरे मन में शिक्षकत्व है मेरी क्लास सबसे अच्छी मेरे शिक्षक सबसे अच्छे।
लोकमाता अहिल्याबाई का नेतृत्व, कुशल शिक्षक होने पर गर्व महसूस करना अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करना। हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ इस मंदिर का पुजारी कौन, पुजारी तो आप सभी हैं अद्भुत ऊर्जा का संचार मेरा विद्यालय सबसे अच्छा, संस्कार स्थल, ज्ञान के लिए प्रवेश करने वाले बच्चे, शिक्षक एक समाधान है हमारा पुस्तकालय एक समृद्ध पुस्तकालय, विद्यालय एक मंदिर है। इसकी चिंता करना है पेट पालन के लिए अध्यापक की सेवा दे रहा है तो वह चिंतनीय है आपका पसीना आहुति देने वाला होना चाहिये। वृक्षारोपण एक-एक बालक करना है जैसे पीपल।
विद्यालय में वृक्षारोपण की सोच विकसित हो। बच्चों में श्रम का अनुभव कराना है मेरा संस्थान सबसे अच्छा कैसे हो उसका चिंतन करना है। डस्टबिन का उपयोग करना है। विद्यालय को सुंदर बनाने के लिए भव्य बनाने के लिए समाज का सहयोग लेना है। हमें बच्चों को कोटा भेजने की आवश्यकता नहीं है आप स्वयं पढ़ाने वाले है और आपसे ज्यादा योग्य कौन हो सकता है कोटा में शिक्षा के नाम पर केवल बिजनेस चल रहा है। अध्यापक से हम बच्चों के गार्जियन बन सकते हैं बच्चों को योग्य व सही दिशा देना है 85ः बच्चे ग्रामीण क्षेत्र से आईएस बनते है। बच्चों की रुचि, आवश्यकता का ध्यान रखना है क्षेत्र का चयन करने में टीचर पेरेंट्स मीटिंग विद्यालय, विद्यालय वातावरण बदलना, बच्चों में योग्यता प्रकट करना, बाल सभा करना।
मोहन पुरोहित राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ आपने कहा मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के आधार स्तम्भ उसके कार्यकर्ता है।
शिक्षक हित, शिक्षार्थी हित ओर राष्ट्रीय हित हमारा उद्देश्य है। अभ्यास जरुरी है अनुभव बहुत बड़ी चीज है अनुभव के लिए ही अभ्यास की आवश्यकता है। छोटी से छोटी बात का भी हमें अभ्यास करना है।
राष्ट्रीय हित सर्वाेपरि है यदि शिक्षकों के हितों में सरकार नहीं है तो सरकार से भी हम लड़ सकते है।
आपने बताया समर्पित कार्यकर्ता वह है जो संगठन को सर्वाेपरि मानता है। संगठन समुद्र है, व्यक्ति उसमें से एक लोठे पानी निकालने के समान है यदि समुद्र से एक लोठा पानी निकाल लेने से समुद्र के कोई फर्क नहीं पड़ता उसी प्रकार यदि कोई कार्यकर्ता यह समझता है की मैं संगठन से ऊपर हूँ तो वह इस समुद्र से निकाले गए एक लौठे पानी के समान है ऐसे कार्यकर्ता की संगठन को आवश्यकता नहीं है।
हर प्रतिकूलता और अनुकूलता बनाने वाला हमारा कार्यकर्ता होना चाहिए।
आपने कहा एक आदर्श कार्यकर्ता के लिये करने की शक्ति का विकास, जानने की शक्ति का विकास और मानने की शक्ति का विकास होना चाहिए।
संघर्ष नहीं, संकल्पनारत होकर, दृढ़ इच्छा शक्ति से कार्य करें।
दृढ़ संकल्पित रहे कार्य विस्तार के लिए।
हमारे द्वारा परिवार की चिंता की जाती है उसी तरह संगठन की भी चिंता करूंगा। यह संकल्प प्रत्येक कार्यकर्ता को लेना होगा।
कार्यकर्ता सिद्ध व रीति – नीति से हो, संगठन का हर कार्यकर्ता तन से सैनिक और मन से सन्यासी हो।
कार्यकर्ता की क्षमता, दृढ़ इच्छा शक्ति, संगठन हित में बुद्धि का विकास, बुद्धि का उपयोग आदि गुणों को एक कार्यकर्ता में परिलक्षित करना होता है। कैसे अधिकारियों को समझाना, मंत्रियों को समझाना आदि के लिए एक कार्यकर्ता को तैयार करना होता है।
एक आदर्श कार्यकर्ता वह कार्यकर्ता होता है जिस पर ईश्वर की कृपा, सद्गुरु की कृपा, साहित्य की कृपा और खुद की खुद पर कृपा भी हो।
हिम्मत सिंह जैन प्रांतीय संगठन मंत्री, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने कार्यकर्ता में दायित्व का बोध होना विषय पर आपने पाथेय दिया मध्य प्रदेश शिक्षा संघ के दायित्व एवं कार्यकर्ताओं को नेतृत्व एवं प्रखर प्रदान करने के लिए वर्ग का आयोजन किया जा रहा है हम गुरु के दायित्व का निर्वहन करने के साथ भारत माता की सेवा का सुनहरा अवसर हमें प्राप्त हुआ है किसी विचारक ने कहा सत मत छोड़ो, ईमानदारी सर्वाेत्तम नीति है। सरल निष्कपट जो अपने वचन का पक्का है दुनिया उसके पीछे चलती है।
असफलताओं में हतोउत्साहित नहीं होना है। सफलता में शिखर पर पहुंचने के बाद मार्ग नहीं भटकना है।
चोर के पर कच्चे होते हैं इसका अर्थ है गलत करने वाले कमजोर होते हैं। सत्यनिष्ठ नैतिक ईमानदारी व्यक्ति भारत माता की सेवा कर पाएंगे। नेतृत्व गुण प्रकष्ट निवारक अनुकंपा, प्रमाणिकता – यथा राजा जैसी प्रजा।
कुशल नेतृत्व कर्ता बनने के लिए अनुशासित जीवन और स्पष्टता होना चाहिए। चाहे कितनी भी कठिनाई आए अनीति का हिस्सा नहीं बनना है।
जिम्मेदारी, उत्तेजना के अवसरों को क्षमता से ले, दूर दृष्टि, दिशा बोध, समयबद्धता, सामूहिक निर्णय पद्धति- सहभागिता लेने से,करने से, हर कार्यकर्ता में जिम्मेदारी का एहसास होगा। हम सब है ना, आलोचना करने की बजाय हमें हमारे कार्यकर्ता पर गर्व होना चाहिए।
नेतृत्व कर्ता – इस बात का जरूर ध्यान रखेंगे कि द्वितीय पंक्ति का निर्माण जरूर करें, प्रथम पंक्ति द्वितीय पंक्ति का निर्माण करें हमारे बाद कौन होगा उसका ध्यान जरूर रखें अभ्यास वर्ग की सफलता एक श्रेष्ठ कार्यकर्ता के एक श्रेष्ठ गुण से है। दायित्वबोध होना, श्रेष्ठ विचार संगठन को दीर्घकालिक बनाना है।
छत्रवीरसिंह राठौर प्रांताध्यक्ष, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ आपने समापन सत्र पर अध्यक्षीय उद्बोधन ने बताया कि ’प्रकृति की उत्तम कृति मनुष्य का शरीर है। हमें शिक्षकीय दायित्व पर गर्व है। चाणक्य शिक्षक ही था।
गुरुकुल में शिक्षा देने के लिये विश्वामित्र राम और लक्ष्मण को साथ ले जाने के लिए राजा दशरथ से गुरु वशिष्ठ ने सहमति लेकर अपने साथ भेजने का निर्णय लिया । गुरु का दायित्व सबसे ऊँचा है। आपने कहा मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रत्येक कार्यकर्ता में अविचल निष्ठा हो यह भाव संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता में होना चाहिए।
प्रांतीय महामंत्री राकेश गुप्ता ने कहा मध्य प्रदेश शिक्षक संघ का कार्यकर्ता ध्येय निष्ठ होता है ’हम सब भारतीय संस्कृति के निर्वाहक है।’इस अवसर पर मन्दसौर जिले से प्रांतीय मीडिया सह प्रमुख रामचंद्र मालवीय, जिला संगठन मंत्री मोतीलाल फरक्या, जिलाध्यक्ष विक्रम शर्मा, जिला सचिव भरतलाल पोपण्डिया, जिला कोषाध्यक्ष कांतिलाल राठौर, जिला सहसचिव मातृशक्ति बहने श्रीमती किरण खुराना ओर ज्योति जैन ने सहभागिता की।


