महावीर अग्रवाल
मन्दसौर १० जुलाई ;अभी तक ; सरस्वती विद्या मंदिर सीबीएसई संजीत मार्ग मंदसौर में आज दिनांक 10 जुलाई 2025 को श्रद्धा, भक्ति एवं संस्कार से ओतप्रोत ‘‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’’ का आयोजन अत्यंत हर्षाेल्लास एवं गरिमामयी वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वन्दना के साथ हुआ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के भैया बहिनों द्वारा गुरु महिमा को समर्पित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें समूह गीत, कविता पाठ, शास्त्रीय नृत्य, एवं व्यक्तिगत भक्ति गीत प्रमुख रूप से सम्मिलित थे। इन सभी प्रस्तुतियों ने सभी भैया बहिनों को गुरु के प्रति आस्था एवं सम्मान का सुंदर संदेश दिया।
मुख्य अतिथि विद्या भारती मध्य क्षेत्र के क्षेत्र कार्यकारणी सदस्य एवं पूर्व प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय मंदसौर श्री रविंद्र सोहनी ने अपने उद्बोधन में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए महाभारत की गुरु शिष्य परंपरा की प्रेरणादायक कहानी सभी भैया बहिनों को प्रेषित की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारतीय आदर्श शिक्षण समिति के वरिष्ठ सदस्य श्री गुरचरण बग्गा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में गुरु के महत्व को आधुनिक संदर्भों में समझाते हुए भैया बहिनों को अमृत कलश की प्रेरणा दाई कहानी से प्रेरणा दी।
यह गुरुपूर्णिमा महोत्सव न केवल एक आयोजन था, बल्कि भैया बहिनों के अंतर्मन में गुरु के प्रति श्रद्धा, अनुशासन और संस्कारों के बीज बोने वाला एक प्रेरणादायक अवसर बन गया।
इस अवसर पर भारतीय आदर्श शिक्षण समिति के सचिव श्री अशोक पारीक, समिति के सह सचिव एवं सरस्वती विहार शैक्षिक संस्थान के प्रबंधक श्री सुनील शर्मा, समिति की साधारण सभा के सदस्य एवं व्यवसायी श्री अरविंद बोथरा, सरस्वती विद्या मंदिर सीबीएसई एवं सैनिक स्कूल मंदसौर की वरिष्ठ प्राचार्या डॉ. श्रीमती सरोज प्रसाद, सीबीएसई विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रवीण मिश्रा, उपप्राचार्या सुश्री लक्ष्मी राठौड़, विद्यालय के समस्त आचार्य दीदी एवं भैया बहिन इस गरिमामयी कार्यक्रम के साक्षी रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के भैया बहिनों द्वारा गुरु महिमा को समर्पित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें समूह गीत, कविता पाठ, शास्त्रीय नृत्य, एवं व्यक्तिगत भक्ति गीत प्रमुख रूप से सम्मिलित थे। इन सभी प्रस्तुतियों ने सभी भैया बहिनों को गुरु के प्रति आस्था एवं सम्मान का सुंदर संदेश दिया।
मुख्य अतिथि विद्या भारती मध्य क्षेत्र के क्षेत्र कार्यकारणी सदस्य एवं पूर्व प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय मंदसौर श्री रविंद्र सोहनी ने अपने उद्बोधन में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए महाभारत की गुरु शिष्य परंपरा की प्रेरणादायक कहानी सभी भैया बहिनों को प्रेषित की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारतीय आदर्श शिक्षण समिति के वरिष्ठ सदस्य श्री गुरचरण बग्गा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में गुरु के महत्व को आधुनिक संदर्भों में समझाते हुए भैया बहिनों को अमृत कलश की प्रेरणा दाई कहानी से प्रेरणा दी।
यह गुरुपूर्णिमा महोत्सव न केवल एक आयोजन था, बल्कि भैया बहिनों के अंतर्मन में गुरु के प्रति श्रद्धा, अनुशासन और संस्कारों के बीज बोने वाला एक प्रेरणादायक अवसर बन गया।
इस अवसर पर भारतीय आदर्श शिक्षण समिति के सचिव श्री अशोक पारीक, समिति के सह सचिव एवं सरस्वती विहार शैक्षिक संस्थान के प्रबंधक श्री सुनील शर्मा, समिति की साधारण सभा के सदस्य एवं व्यवसायी श्री अरविंद बोथरा, सरस्वती विद्या मंदिर सीबीएसई एवं सैनिक स्कूल मंदसौर की वरिष्ठ प्राचार्या डॉ. श्रीमती सरोज प्रसाद, सीबीएसई विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रवीण मिश्रा, उपप्राचार्या सुश्री लक्ष्मी राठौड़, विद्यालय के समस्त आचार्य दीदी एवं भैया बहिन इस गरिमामयी कार्यक्रम के साक्षी रहे।


