महावीर अग्रवाल
मन्दसौर १० जुलाई ;अभी तक ; श्री प्रेम प्रकाश आश्रम में गुरू पूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरुवार 10 जुलाई को भगवान श्री लक्ष्मीनारायण, आचार्य सतगुरू स्वामी श्री टेऊँरामजी महाराज, सतगुरू सर्वानन्द महाराज, सतगुरू शान्तिप्रकाश महाराज, सतगुरू हरिदास रामजी, वर्तमान गादीपति सतगुरु स्वामी भगतप्रकाश जी महाराज एवं आराध्य देव भगवान झूलेलाल के चित्रों को आकर्षक व सुन्दर रूप में सजाया गया।
इस आशय कि जानकारी सेवा मण्डली के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शिवानी ने देते हुए बताया किघ्घ् आश्रम में श्रद्धालु गुरूभक्तों ने अपने सतगुरू की पूजा अर्चना कर श्री फल, मिश्री प्रसाद का प्रसाद अर्पित किया। श्री शिवानी ने बताया कि अमृत वेला प्रातः 6 बजे दादी पुष्पा पमनानी, देवकी कोठारी, पुरुषोत्तम शिवानी, सुरेश बाबानी, दिव्या नारायण शिवानी, मोहनदास व नरेश फतनानी, रेखा हरिश उतवानी, भावना मोहनदास नंदवानी, चन्दीराम चंदानी, विंध्यालता श्यामयानी, आशा मोटवानी, निशा भरत मलकानी आदि श्रृद्धालुओं ने पूजा, अर्चना के साथ मूर्तियों का पंचामृत, अभिषेक कर नवीन वस्त्र व आभूषणो से सोलह श्रृंगार किया जो देखते ही बन रहा था। गुरू प्रार्थना, पाठ, गुरू महाराज कि प्रतिमा का पूजन कर चन्दन तिलक किया गया। भगवान लक्ष्मी नारायण, भगवान झूलेलाल,सतगुरूओं की आरती कर ‘पल्लव’ पाकर प्रसाद वितरण किया गया।
आभार प्रदर्शन दादी पुष्पा पमनानी एवं रेखा हरिश उतवानी ने प्रकट किया।
इस आशय कि जानकारी सेवा मण्डली के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शिवानी ने देते हुए बताया किघ्घ् आश्रम में श्रद्धालु गुरूभक्तों ने अपने सतगुरू की पूजा अर्चना कर श्री फल, मिश्री प्रसाद का प्रसाद अर्पित किया। श्री शिवानी ने बताया कि अमृत वेला प्रातः 6 बजे दादी पुष्पा पमनानी, देवकी कोठारी, पुरुषोत्तम शिवानी, सुरेश बाबानी, दिव्या नारायण शिवानी, मोहनदास व नरेश फतनानी, रेखा हरिश उतवानी, भावना मोहनदास नंदवानी, चन्दीराम चंदानी, विंध्यालता श्यामयानी, आशा मोटवानी, निशा भरत मलकानी आदि श्रृद्धालुओं ने पूजा, अर्चना के साथ मूर्तियों का पंचामृत, अभिषेक कर नवीन वस्त्र व आभूषणो से सोलह श्रृंगार किया जो देखते ही बन रहा था। गुरू प्रार्थना, पाठ, गुरू महाराज कि प्रतिमा का पूजन कर चन्दन तिलक किया गया। भगवान लक्ष्मी नारायण, भगवान झूलेलाल,सतगुरूओं की आरती कर ‘पल्लव’ पाकर प्रसाद वितरण किया गया।
आभार प्रदर्शन दादी पुष्पा पमनानी एवं रेखा हरिश उतवानी ने प्रकट किया।


