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हिन्दी साहित्य संस्थान की निबंध प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ३० मई ;अभी तक  हिन्दी साहित्य संस्थान ने ‘‘तम्बाकू एवं धूम्रपान जीवन एवं स्वास्थ्य के लिये घातक हैं’’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य वक्ता गायत्री परिवार के नशा मुक्ति प्रभारी डा. वेदपालसिंह ने कहा कि तम्बाकू एवं धूम्रपान जानलेवा व्यसन हैं। निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं को इस व्यसन की घातकता का बोध हुआ हैं वे स्वयं इससे दूर रहें एवं सबको बचावें।
                           श्री प्रकाश रातड़िया ने कहा कि तम्बाकू में कई घातक जहर होते हैं जिससे कैंसर सहित अनेक बिमारियां होती हैं। इसे छोटी बुराई समझना भूल है। ब्रम्हाकुमारी विद्युतलता ने कहा कि जीवन में बुराईयों से मुक्ति का उपाय सकारात्मकता है। धूम्रपान एवं अन्य नशांे से मुक्ति के लिये आध्यात्म की ओर ध्यान लगाने की आवश्यकता हैं।
                            श्री जवाहरलाल नेहरू विधि महाविद्यालय के प्राध्यापक श्री सुनील बड़ोदिया ने कहा कि तम्बाकू मानव  जीवन के लिये घातक हैं। आर्थिक रूप से अभावग्रस्त बनाता हैं तथा व्यक्तित्व को विकृत कर देता हैं।
                                    निबंध प्रतियोगिता में प्रथम सरस्वती स्कूल की छात्रा प्रियंका चौधरी, द्वितीय उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा दिव्या टांक एवं तृतीय शिक्षा महाविद्यालय की छात्रा प्रीति नवीन सोनी रही हैं। जिन्हें अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। प्रोत्साहन स्वरूप दिव्यांशी सोनी, अक्षिता सोनी अलौकिक सोनी, अनुराग ब्रिजवानी, आकांशा ब्रिजवानी, यशी जैन, जया बामनिया, श्रद्धा शक्तावत, देवराज चंदेल, नव्या सोडानी, भव्या कानूनगो, नैनसी माली, अंशुल फरक्या, धवल ग्वाला, प्रांजल संचेती, राधिका बघेरवाल, शिवानी कैथवास, अंश मोदी, राजवीर पटेल को भी सम्मानित किया गया। वर्षीतप के तपस्वियों के सम्मान में अक्षय तृतीया से एकांतर तप करने के उपलक्ष्य में श्री सुनिल बड़ोदिया एवं श्री कृष्णकुमार जोशी का शाल व माला से सम्मान किया गया। श्री सत्यसांई सेवा संगठन के पं. प्रकाश दीक्षित, श्री महेश कानूनगो, श्री मदनलाल शर्मा, श्री राजेन्द्र छाजेड़ ने भी सहभागिता की। अतिथियों का स्वागत आध्यात्मिक चेतना अभियान के संयोजक श्री विनोद शर्मा एडवोकेट, आध्यात्मिक चेतना संवाद के संयोजक श्री रमेश ब्रिजवानी, श्री हरीश भावसार, श्री भेरूलाल पटेल ने किया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी साहित्य संस्थान के अध्यक्ष श्री कृष्णकुमार जोशी ने किया एवं आभार प्रदर्शन श्री ललित भारद्वाज ने किया।

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