प्रदेश

हरदा धमाके की गूंज से खंडवा में फिर अफसरों की नींद टूटी, एक्सप्लोसिव-पटाखा स्टोरेज में छापा

 मयंक शर्मा

खंडवा ८ फरवरी ;अभी तक;   मप्र के हरदा में  धमाके की गूंज से एक बार फिर खंडवा के आला अधिकारियों की नींद टूटी है। शहर में गत दिनों हुए सौ से अधिक सिलेंडर धमाके के दौरान जांच कुछ दिन में ही ठंडी पड़ गई । मंगलवार दोपहर हरदा में हुए हादसे की सूचना के बाद आला अधिकारी अमले के साथ फील्ड में उतरे। दोपहर कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने अपर कलेक्टर और जिला आपूर्ति अधिकारी को सक्रिय करते हुए जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने यहां अस्पताल से हरदा के लिए एंबुलेंस भेजे।हरदा हादसे के बाद शासन ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया।

जिला आपूर्ति अधिकारी एके तिवारी ने बताया कि कलेक्टर के आदेश पर सात जगहों पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग जगहों से आठ घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए हैं। टीम सबसे पहले शनि मंदिर के निकट गुजराती भोजनालय पहुंची। रेस्टोरेंट परिसर में तीन घरेलू सिलेंडर व्यवसायिक कार्य में दुरुपयोग करते हुए मिले। दो व्यवसायिक सिलेंडर बगैर दस्तावेज मिले। सभी सिलेंडरों राहुल जोशी से जब्त किए गए। इसी परिसर में वानखेड़े होटल में एक घरेलू सिलेंडर जब्त किया गया है। इमली पुरा क्षेत्र में रेस्टोरेंटों का निरीक्षण किया गया। व्यवसायिक सिलेंडर मिले। दीपक कचैरी भंडार पर दो घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

कलेक्टर ने विस्फोटक पदार्थों के लाइसेंसी भंडारण की जांच के लिए अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में एसडीएम और एसडीओपी की संयुक्त टीम गठित की है। इसमें शहरी क्षेत्र में नगर निगम की टीम भी शामिल रहेगी। जिले में 15 मैग्जीन यानी विस्फोटक के लाइसेंस हैं। इसके अलावा पांच से अधिक पटाखा के थोक कारोबारियों को लाइसेंस दिए गए हैं। फुटकर के 80 से ज्यादा हैं।

उधर पिले माह नगर के घासपुरा में गेरकानूनी रूप से संगहित 100 से अधिक धरेलू सिलेंडर हादसे व 2 लोगेों की मौत के मामले में ं अभी तक संबंधित एजेंसी पर जवाबदेही तय नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं जांच भी ठंडे बस्ते में पड़ गई है। मामला आयल कंपनियों के पास पहुंचने के बाद भी हादसे में बरामद किए गए सिलेंडरों के आधार पर एजेंसियों पर जवाबदेही तय नहीं हो सकी है। बताया गया कि पकड़े गए आरोपी पुलिस को जानकारी दी थी। पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है। लेकिन अभी तक जवाबदेही तय नहीं हो सकी है। आपूर्ति विभाग ने स्टाक की जांच कर इतिश्री कर लिया है। विभाग ने पूरा मामला आयल कंपनियों पर डाल दिया है। कंपनियां भी निरीक्षण कर लौट गईं।

 

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