प्रदेश

जब नहीं हुआ अनुबंध, तो कैसे होगा धान का उठाव 

मोहम्मद सईद
शहडोल, 16 दिसंबर अभी तक। सोसाइटी में धान का उपार्जन शुरू होने के बाद भी शहडोल जिले में अभी तक धान का उठाव (परिवहन) शुरू नहीं हो सका है। शहडोल जिले में समिति से धान का उठाव न होने के पीछे नागरिक आपूर्ति निगम(नान) के प्रभारी महाप्रबंधक के मनमानी पूर्ण रवैये को बताया जा रहा है। बताया गया है, कि नागरिक आपूर्ति निगम (नान) शहडोल के प्रभारी महाप्रबंधक मधुर खुर्द ने अभी तक राइस मिलर्स को पंजीयन और अनुबंध करने का कोई पत्र नहीं जारी किया है, जिसके चलते ये स्थिति निर्मित हुई है और शहडोल जिले में धान का उठाव शुरू नहीं हो सका है।
                                  इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार 1 दिसंबर को मिलर्स के साथ अनुबंध होकर धान का उठाव समिति से शुरू हो जाना चाहिए था। लेकिन इसी बीच नवीन मिलिंग नीति की विसंगतियों को लेकर प्रदेश भर के राइस मिलर्स हड़ताल पर चले गए। और जब पूरे प्रदेश में धान का उठाव शुरू नहीं हुआ तो 13 दिसंबर को खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव और नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक ने राइस मिलर्स के प्रतिनिधिमंडल को भोपाल में बुलाया और उनके साथ चर्चा की। इस चर्चा में प्रमुख सचिव और प्रबंध संचालक ने यह आश्वासन दिया था, कि उनकी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा था, कि जिन राइस मिलर्स के खिलाफ गंभीर अनियमितताएं नहीं हैं उन्हें धान उठाव की अनुमति दी जाएगी।
शहडोल में ऐसा निर्णय क्यों
                                     उधर भोपाल में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों ने मिलर्स के साथ सार्थक चर्चा कर धान उठाव शुरू करने का रास्ता निकाला, तो इधर शहडोल में बैठे नान के प्रभारी महाप्रबंधक मधुर खुर्द ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को ठेंगा दिखाते हुए शहडोल जिले की चार राइस मिल तिरुपति एग्रो बुढ़ार, हदीस राइस मिल गोहपारु, जायना राइस मिल गोहपारू और माहिरा राइस मिल सिंहपुर को ब्लैक लिस्ट कर दिया। जबकि प्रदेश के कई जिलों में राइस मिलर्स के खिलाफ प्रकरण तो दर्ज हुआ, लेकिन कहीं भी उन्हें ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया। नान के महाप्रबंधक का जैसे ही यह पत्र सामने आया यहां राइस मिलर्स फिर लामबद्ध हो गए। ऐसा बताया जा रहा है, कि राइस मिलर्स का कहना है, कि जब तक यह मनमाना निर्णय निरस्त नहीं होगा तब तक वे नान के साथ कोई कार्य नहीं करेंगे। सवाल इस बात के भी उठ रहे हैं कि जब प्रदेश में कहीं भी राइस  मिलर्स को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया है तब अकेले शहडोल में इस तरह की कार्रवाई क्यों की गई है।
दो जिलों में अलग-अलग मापदंड क्यों
                                       पड़ोसी जिले अनूपपुर के मिलर्स की कहानी शहडोल से अलग है। बताया जा रहा है कि अनूपपुर के कई राइस मिलर्स ऐसे हैं जिन पर पूर्व में प्रकरण दर्ज हुआ था। लेकिन अनूपपुर में ऐसे किसी भी मिलर्स को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया, उल्टा उनके साथ धान उठाव का अनुबंध भी कर लिया गया। शहडोल और अनूपपुर में दोहरे मापदंड को लेकर महाप्रबंधक की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि नान के महाप्रबंधक श्री खुर्द के पास अनूपपुर और शहडोल दोनों जिलों का प्रभार है और वह शहडोल नाम मात्र को ही आते हैं जिससे शहडोल जिले का कार्य प्रभावित हो रहा है। शहडोल जिले में राइस मिलर्स के साथ अनुबंध न होने और धान का उठाव शुरू नहीं होने की जानकारी लेने के संबंध में प्रभारी महाप्रबंधक मधुर खुर्द से जानकारी लेने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा।

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